राजस्थान:सामाजिक संस्थाओं के जमीन आवंटन में देरी के मुद्दे पर कांग्रेस विधायकों का सदन से बहिर्गमन
राजस्थान:सामाजिक संस्थाओं के जमीन आवंटन में देरी के मुद्दे पर कांग्रेस विधायकों का सदन से बहिर्गमन
जयपुर, 25 फरवरी (भाषा) राजस्थान में सामाजिक संस्थाओं को जमीन आवंटन में देरी को लेकर कांग्रेस के विधायकों ने बुधवार को विधानसभा से बहिर्गमन किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रावास एवं अन्य कामों के लिए सामाजिक संगठनों को जमीन आवंटन में देरी हो रही है।
कांग्रेस विधायक मोतीराम ने कहा कि रेवदर में तीन समाजों के प्रस्तावित छात्रावास के लिए जमीन आवंटन लंबित है।
राजस्व मंत्री हेमंत मीणा ने कहा कि इन तीनों आवंटन के प्रस्ताव को पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के आखिरी छह महीनों के दौरान मंजूरी दी गई थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि मंजूरी जल्दबाजी में दी गई और उनमें प्रक्रिया से जुड़ी कमियां थीं जिन्हें दुरूस्त नहीं किया गया।
मीणा ने कहा, “अगर आपकी भावना शुद्ध होती तो कार्यकाल के आखिरी छह महीनों में ऐसे आवंटन नहीं किए जाते।’’
उन्होंने कहा कि तत्कालीन सरकार ने केवल राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए यह प्रयास किया था।
उन्होंने कहा,‘‘ जो भी कमी-खामी है, प्रस्ताव प्राप्त होने पर सक्षम स्तर पर पुनर्विचार करके इन आवंटन का काम हम करेंगे।’’
मंत्री के उत्तर से नाखुश कांग्रेस विधायक सदन से बहिर्गमन कर गए। संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि विपक्ष बहिर्गमन की ‘नौटंकी’ कर रहा है।
सदन में शून्य काल के दौरान भाजपा के विधायक लादूलाल पितलिया ने ‘विलायती बबूल’ के फैलने पर चिंता जताई और कहा कि पेड़ से खेती और चरागाह की जमीन खराब हो रही है। उन्होंने इस पर नियंत्रण के लिए कदम उठाने की अपील की।
पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि विलायती बबूल से आसपास की सारी जमीन जहरीली हो गई। उन्होंने कहा कि इस पेड़ के कारण भूमिगत जल स्तर नीचे जा रहा है और इसकी वजह से राजस्थान में 500 वनस्पतियां विलुप्त हो गई हैं।
उन्होंने कहा कि यह बहुत ही खतरनाक और सबके लिए नुकसानदेह है तथा सरकार इस बबूल को समूल नष्ट करने की उपायों पर विचार कर रही है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के राज में यह पेड़ लगाया गया था इसलिए कुछ लोग से ‘‘कांग्रेस बबूल’ भी कहते हैं।
भाषा पृथ्वी राजकुमार
राजकुमार

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