New Rules for Leave: कर्मचारियों की छुट्टी को लेकर बदले नियम, अब इन्हें भी मिलेगा 180 दिन का अवकाश, अनुकंपा नियुक्ति और प्रमोशन को लेकर आया बड़ा अपडेट

कर्मचारियों की छुट्टी को लेकर बदले नियम, अब इन्हें भी मिलेगा 180 दिन का अवकाश, Rajasthan Govt Changed Leave Rules for Employees

New Rules for Leave: कर्मचारियों की छुट्टी को लेकर बदले नियम, अब इन्हें भी मिलेगा 180 दिन का अवकाश, अनुकंपा नियुक्ति और प्रमोशन को लेकर आया बड़ा अपडेट
Modified Date: August 14, 2026 / 12:03 am IST
Published Date: August 13, 2026 8:07 pm IST

जयपुर। Govt Changed Leave Rules राजस्थान सरकार की कैबिनेट बैठक में सरकारी कर्मचारियों, महिलाओं और मृत कर्मचारियों के आश्रित परिवारों से जुड़े कई अहम फैसलों को मंजूरी दी गई है। सरकार के इन निर्णयों का सीधा असर कर्मचारियों की पदोन्नति, अनुकंपा नियुक्ति और महिला कर्मचारियों की छुट्टियों पर पड़ेगा। कैबिनेट ने प्रमोशन में अनुभव संबंधी छूट से लेकर चाइल्ड केयर लीव और सरोगेसी के मामलों में अवकाश के प्रावधानों में बदलाव को मंजूरी दी है।

प्रमोशन में कर्मचारियों को राहत, बहू को भी अनुकंपा नियुक्ति

Govt Changed Leave Rules कैबिनेट के फैसले के अनुसार, जिन सरकारी कर्मचारियों को पिछले तीन वर्षों में अनुभव में दो वर्ष की छूट का लाभ नहीं मिल पाया था, उन्हें अब वर्ष 2026-27 में पदोन्नति के लिए इस छूट का लाभ दिया जाएगा। सरकार के इस फैसले से ऐसे कर्मचारियों को प्रमोशन के अवसर मिल सकेंगे, जो अनुभव संबंधी छूट से वंचित रह गए थे। सरकार ने अनुकंपा नियुक्ति के नियमों में भी महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अब मृत सरकारी कर्मचारी की पात्र आश्रित पुत्रवधू को भी अनुकंपा नियुक्ति मिल सकेगी। इससे ऐसे परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिनमें सरकारी कर्मचारी की मृत्यु के बाद आश्रित पुत्रवधू नौकरी के लिए पात्र होती है।

महिला कर्मचारियों को चाइल्ड केयर लीव में राहत (Govt Changed Leave Rules)

कैबिनेट ने एकल महिला कर्मचारियों के लिए चाइल्ड केयर लीव के प्रावधान में भी बदलाव किया है। अब ऐसी महिला कर्मचारी एक साल में तीन की जगह छह बार चाइल्ड केयर लीव ले सकेंगी। इससे बच्चों की देखभाल के लिए छुट्टी लेने वाली एकल महिला कर्मचारियों को अधिक सुविधा मिलेगी।

सरोगेसी के मामले में भी अवकाश का प्रावधान

सरोगेसी के मामलों में भी महिला कर्मचारियों के लिए अलग-अलग अवकाश की व्यवस्था को मंजूरी दी गई है। इसके तहत सरोगेट मदर को 180 दिन और कमीशनिंग मदर को 90 दिन की छुट्टी मिल सकेगी। सरकार के इस फैसले से सरोगेसी के जरिए मातृत्व का अनुभव करने वाली महिला कर्मचारियों को अवकाश संबंधी राहत मिलेगी। कैबिनेट बैठक में इन फैसलों के अलावा पेड़ों की सुरक्षा, समान नागरिक संहिता (UCC), सरकारी भर्ती, पानी, उद्योग और अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं से जुड़े प्रस्तावों पर भी निर्णय लिए गए हैं। जैसलमेर, बीकानेर और बाड़मेर में उद्योग एवं अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए जमीन उपलब्ध कराने से संबंधित फैसले भी बैठक में लिए गए।

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