राजस्थान : सदन में हंगामे के बीच कार्यवाही स्थगित

राजस्थान : सदन में हंगामे के बीच कार्यवाही स्थगित

राजस्थान : सदन में हंगामे के बीच कार्यवाही स्थगित
Modified Date: February 21, 2026 / 04:21 pm IST
Published Date: February 21, 2026 4:21 pm IST

जयपुर, 21 फरवरी (भाषा) राजस्थान विधानसभा में शनिवार को सरकार की ओर से अपने दो वर्ष के कार्यकाल पर रखे गए प्रतिवेदन पर कांग्रेस के विधायकों ने आपत्ति जताई। इस मुद्दे को लेकर सदन में काफी देर हंगामा हुआ और कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी।

संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने प्रतिवेदन ‘सरकार 2 वर्ष प्रगति एवं उत्कर्ष – 2024-25-2026’ सदन में रखा।

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने व्यवस्था का प्रश्न उठाते हुए प्रतिवेदन की विषयवस्तु पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री ने सदन में कहा था कि दो साल बनाम कांग्रेस के पांच साल पर चर्चा होगी। तो दो साल की चर्चा कैसे हो रही है। वही प्रस्ताव करो।’’

जूली ने कहा कि संसदीय मंत्री ने प्रस्ताव अलग रखा है। कांग्रेस विधायक गोविंद सिंह डोटासरा ने भी इसका समर्थन किया। इस पर सत्ता पक्ष की ओर से कई मंत्री खड़े होकर बोलने लगे और हंगामा शुरू हो गया।

विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने विधायकों को शांत करवाया।

संसदीय कार्यमंत्री पटेल ने कहा, ‘‘इस प्रगति प्रतिवेदन में वर्तमान सरकार के दो वर्ष के उत्कृष्ट कार्य और उसकी तुलना पूर्ववर्ती सरकार के पांच साल के कार्यों से की गई है। प्रतिवेदन की भूमिका सचिवालय ने तय की है इसलिए कांग्रेस सिर्फ भागने की भूमिका बना रही है।’’

सरकारी सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने कहा, ‘‘कांग्रेस मैदान से भागने का बहाना ढूंढ रही है।’’

इस पर हंगामा हो गया और जूली ने कहा कि कोई सदन से नहीं भाग रहा सत्ता पक्ष नहीं चाहता कि इस मुद्दे पर बहस हो।

विपक्ष के कई विधायक अपनी बात रखने लगे तो सत्तापक्ष के कई मंत्री भी खड़े होकर बोलने लगे। काफी देर हंगामा होता रहा तो अध्यक्ष देवनानी ने कार्यवाही आधे घंटे के लिए स्थगित कर दी। बाद में सभापति ने कार्यवाही आधे घंटे के लिए और स्थगित कर दी।

इससे पहले सुबह सदन में कार्यवाही के दौरान भारत आदिवासी पार्टी (बीएपी) के विधायकों की नारेबाजी के कारण कार्यवाही थोड़ी देर के लिए बाधित हुई। इन विधायकों ने भर्ती परीक्षाओं के प्रश्न पत्र लीक होने के मामलों में गड़बड़ियों की सीबीआई से जांच करवाने की मांग करते हुए पोस्टर लहराए।

यह हंगामा अनुदान (राजस्व) मांगों पर चर्चा के दौरान हुआ। बीएपी के विधायकों ने भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी की सीबीआई से जांच करवाने की मांग वाली टी-शर्ट पहन रखी थी।

बीएपी के विधायक थावरचंद ने कहा कि आश्वासन के बावजूद परीक्षा में गड़बड़ियों में शामिल लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने मांग की कि प्रश्न पत्र लीक और भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के मामले सीबीआई को सौंपे जाएं।

थावरचंद ने कहा, ‘‘मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा यहां बैठे हैं जिन्होंने इस मुद्दे को लेकर पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में कई विरोध प्रदर्शन किए थे। आपने बेरोजगारों को न्याय का भरोसा दिलाया था। जब आपकी सरकार सत्ता में आई, तो उम्मीद थी कि बेरोजगार युवाओं के साथ अन्याय करने वालों को जेल भेजा जाएगा। लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ।’’

नारेबाजी के बीच कृषि मंत्री मीणा ने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक गोविंद सिंह डोटासरा पर निशाना साधा। उनकी कुछ बातों पर विपक्ष के सदस्यों ने आपत्ति जताते हुए हंगामा किया। हालांकि सभापति फूल सिंह मीणा के दखल देने पर मामला शांत हो गया।

इससे पहले भाजपा के विधायक शत्रुघ्न गौतम ने पिछली कांग्रेस सरकार पर चरागाह जमीन के गलत तरीके से आवंटन कर 400 करोड़ के घोटाले का आरोप लगाया।

भाषा पृथ्वी शफीक

शफीक


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