जयपुर, 13 जनवरी (भाषा) केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने मंगलवार को कहा कि राजस्थान ने प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के क्रियान्वन में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है और देश में दूसरे स्थान पर है।
उन्होंने यह भी कहा कि देश को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि कृषि के बाद एमएसएमई क्षेत्र सबसे अधिक रोजगार उपलब्ध कराने का माध्यम है।
जयपुर के उद्योग भवन में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की राजस्थान में प्रगति की समीक्षा करते हुए करंदलाजे ने केंद्र सरकार की अन्य योजनाओं के बारे में भी विस्तार से जानकारी ली और उनकी प्रगति के संबंध में दिशा-निर्देश दिए।
बैठक के बाद उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि प्रधानमंत्री रोजगार गारंटी योजना के तहत लगभग 10.50 लाख एमएसएमई इकाइयां को केंद्र सरकार द्वारा 29 हजार करोड़ रुपये की सब्सिडी दी गई है।
उन्होंने बताया कि अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के लोगों को प्राप्त ऋण में 35 प्रतिशत की सब्सिडी दी जा रही है।
करंदलाजे ने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों को लगभग 30 लाख करोड़ रुपये का ऋण केंद्र सरकार द्वारा प्रदान किया गया है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 2047 में विकसित भारत बनाने के लक्ष्य में एमएसएमई सेक्टर की भूमिका महत्वपूर्ण है।
केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा, ‘‘देशभर में 7.50 करोड़ एमएसएमई उद्यमियों का उद्यम पोर्टल पर पंजीकरण किया गया है, और 30 करोड़ से अधिक लोगों को एमएसएमई क्षेत्र में रोजगार मिला है। कृषि के बाद रोजगार उपलब्ध कराने में एमएसएमई क्षेत्र दूसरे स्थान पर है।’’
करंदलाजे ने कहा, ‘‘राजस्थान ने प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के क्रियान्वन में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है और देश में दूसरे स्थान पर है। राजस्थान में 1.13 लाख को टूल किट वितरित की जा चुकी है तथा एक लाख टूल किट और वितरित की जाएंगी।’’
उन्होंने कहा कि इस योजना के क्रियान्वन से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के लिए निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार राजस्थान के साथ मिलकर एमएसएमई क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों में तेजी लाएगी और अधिक उद्यमियों को ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।
भाषा बाकोलिया खारी
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