राजस्थान : सदाचार समिति के सामने फिर पेश हुए तीन विधायक
राजस्थान : सदाचार समिति के सामने फिर पेश हुए तीन विधायक
जयपुर, छह जनवरी (भाषा) राजस्थान में ‘विधायक निधि’ जारी करने के बदले ‘कमीशन’ लेने के आरोप के मामले में तीन विधायक मंगलवार को यहां विधानसभा की सदाचार समिति के सामने फिर पेश हुए।
समिति के अध्यक्ष कैलाश वर्मा ने बताया कि विधायकों ने अपना पक्ष व सबूत रखे हैं। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर समिति विधायकों को फिर से बुला सकती है।
उल्लेखनीय है कि एक अखबार में प्रकाशित खबर में खींवसर से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक रेवंतराम डांगा, हिंडौन से कांग्रेस विधायक अनीता जाटव और बयाना से निर्दलीय विधायक रितु बनावत पर विधायक निधि से रकम मंजूर करने के बदले ‘कमीशन’ लेने का आरोप लगाया गया था। इसके बाद विधानसभा की सदाचार समिति ने तीनों को नोटिस जारी कर इस मामले में 19 दिसंबर को पहली सुनवाई की थी।
ये तीनों विधायक आज दूसरी बार समिति के सामने अलग-अलग पेश हुए।
सदाचार समिति के अध्यक्ष वर्मा ने कहा,” समिति ने दोनों पक्षों को सुना है। विधायकों ने अपनी बात रखी। (स्टिंग करने वाले) पत्रकार ने अपनी बात रखी। दोनों को सुनने के बाद समिति इसका अच्छे तरीके से अध्ययन करने के बाद, विधिक राय भी लेगी और किसी स्पष्ट निर्णय तक पहुंचेगी। जो भी निर्णय आएगा उसको हम आगे विधानसभा अध्यक्ष तक पहुंचाएंगे।”
उन्होंने कहा कि आवश्यकता होगी तो पूछताछ के लिए विधायकों को फिर बुलाया जाएगा।
वर्मा ने कहा कि समिति ने भारत आदिवासी पार्टी (बीएपी) के एक विधायक को भी एक अन्य मामले में कल पेश होने को कहा है।
उल्लेखनीय है कि सरकार ने विधायकों द्वारा ‘विधायक निधि’ जारी करने के बदले कमीशन लेने के आरोपों की उच्च स्तरीय जांच के लिए मुख्य सतर्कता आयुक्त की अध्यक्षता में चार सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति गठित की थी। वहीं, इस जांच का नतीजा आने तक तीनों विधायकों के विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास निधि (एमएलए एलएडी) खातों से लेनदेन पर रोक लगा दी गई है।
भाषा
पृथ्वी, बाकोलिया रवि कांत

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