राजस्थान: महिला एवं जन संगठनों ने भाजपा विधायक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की

राजस्थान: महिला एवं जन संगठनों ने भाजपा विधायक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की

राजस्थान: महिला एवं जन संगठनों ने भाजपा विधायक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की
Modified Date: February 19, 2026 / 10:42 am IST
Published Date: February 19, 2026 10:42 am IST

जयपुर, 19 फरवरी (भाषा) राजस्थान के अनेक महिला एवं जन संगठनों ने विधानसभा में मौजूदा सरकार के बजट की तुलना ‘छोरे के जन्म’ से और पिछली कांग्रेस सरकार के अंतिम बजट की तुलना ‘छोरी के जन्म’ से करने वाले सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के विधायक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इन संगठनों ने विधायक की टिप्पणियों को ‘शर्मनाक’ करार दिया है।

इन संगठनों ने इस बारे में विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के नाम ज्ञापन भेजा है।

इसमें कहा गया है कि विधायक द्वारा सदन में की गई टिप्पणियां ‘पितृसत्तात्मक उपमाएं हैं।’

इस ज्ञापन के अनुसार, ‘यह पितृसत्तात्मक उपमा अत्यंत चिंताजनक है और एक पिछड़ी तथा महिला-विरोधी मानसिकता को दर्शाती है। ये शब्द विधानसभा के भीतर कहे गए, जो इन टिप्पणियों के निहितार्थ को और भी गंभीर बना देता है।’

वैर से भाजपा विधायक बहादुर सिंह कोली ने सदन में बजट पर चर्चा के दौरान कहा, ‘हमारा जवानी का बजट है, इनका बुढ़ापे का बजट था जो चुनाव से पहले आया था।’

सरकार के बजट की सराहना करते हुए उन्होंने कहा, ‘हमारी सरकार ने अपने पहले ही बजट में छोरा पैदा किया, दूसरे बजट में भी छोरा पैदा किया अब तीसरे बजट में भी छोरा पैदा किया। जो जवानी में छोरा पैदा करता है वह हमेशा काम में आता है।’

सदन में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी विधायक की टिप्पणियों की निंदा करते हुए इस शर्मनाक बताया था।

संगठनों के ज्ञापन के अनुसार, ‘पुत्र-प्राथमिकता और बालिकाओं का अवमूल्यन हमारे देश की सबसे गहरी सामाजिक बुराइयों में से एक रही है, जो कन्या भ्रूण हत्या, विकृत लिंगानुपात और महिलाओं एवं लड़कियों को समान अवसरों से वंचित करने के लिए जिम्मेदार है।’

इसमें कहा गया है कि जब कोई निर्वाचित जनप्रतिनिधि इस पूर्वाग्रह का इस्तेमाल सदन में सहज राजनीतिक बयानबाजी के रूप में करता है, तो यह समाज को एक अत्यंत हानिकारक संदेश देता है कि ऐसी सोच स्वीकार्य है, यहाँ तक कि उत्सव योग्य भी।

ज्ञापन में विधायक कोली द्वारा की गई टिप्पणियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग करते हुए विधानसभा में महिलाओं की गरिमा बनाए रखने को लेकर कुछ सुझाव भी दिए गए हैं।

यह ज्ञापन पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज (पीयूसीएल) की कविता श्रीवास्तव व विजय लक्ष्मी जोशी, नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन वीमेन की निशा सिद्धू, राजस्थान यूनिवर्सिटी विमेंस एसोसिएशन की डॉ. लाड कुमारी जैन व अल्का राव तथा मजदूर किसान शक्ति संगठन (एमकेएसएस) की अरुणा रॉय सहित अन्य महिला संगठनों की ओर से दिया गया है।

भाषा पृथ्वी अमित रंजन

रंजन


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