अविश्वास प्रस्ताव, राजनाथ ने कांग्रेस पर किए कड़े प्रहार, कहा- देश का पहला मॉब लिंचिंग 1984 में

अविश्वास प्रस्ताव, राजनाथ ने कांग्रेस पर किए कड़े प्रहार, कहा- देश का पहला मॉब लिंचिंग 1984 में

अविश्वास प्रस्ताव, राजनाथ ने कांग्रेस पर किए कड़े प्रहार, कहा- देश का पहला मॉब लिंचिंग 1984 में
Modified Date: November 29, 2022 / 08:18 pm IST
Published Date: July 20, 2018 12:39 pm IST

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के खिलाफ लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कांग्रेस पर जमकर पलटवार किया। उन्होंने कांग्रेस नेता शशि थरुर के हिंदू पाकिस्तान और हिंदू तालिबान वाले बयान को लेकर पार्टी को घेरा। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान रुपी जेहनियत हिंदूस्तान में जिंदा रहे? हिंदू पाकिस्तान, हिंदू तालिबान की बात करते हैं, देश को कहां ले जाना चाहते हैं?

उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। गृहमंत्री ने कह कि राहुल ने लोकसभा में चिपको आंदोलन की शुरुआत की है। बता दें कि इससे पहले राहुल पीएम की सीट के पास जाकर उनके गले लग गए थे। राजनाथ ने कहा, मैं देख रहा हूं कि जिन राजनीतिक दलों ने हमारी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की कोशिश की है, उनका खुद एक-दूसरे पर विश्वास नहीं है। अगर नेतृत्व की चर्चा हो जाए तो समझ लीजिए कि गई भैंस पानी में, ऐसे हालात यहां पैदा हो जाएंगे। मॉब लिंचिंग की घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, देश में मॉब लिचिंग की घटनाएं नहीं होनी चाहिए। लेकिन स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार इस प्रकार की पहली घटना साल 1984 में हुई थी।

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केंद्रीय मंत्री ने कहा, 15 साल बाद किसी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आया है। कांग्रेस जब सत्ता में थी, तब हम 10 सालों में कभी भी अविश्वास प्रस्ताव कभी भी नहीं लाए, क्योंकि हम यह समझते हैं कांग्रेस को लोगों को जनादेश मिला था।

राजनाथ ने राजीव गांधी के बयान को याद किया और कहा कि किसी को कभी अहंकार नहीं करना चाहिए, क्योंकि सब कालचक्र से चलता है। उन्होंने त्रिपुरा और केरल में बीजेपी के बढ़ते प्रभाव का उल्लेख किया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि किसी भी दल के पास स्पष्ट बहुमत नहीं है, यही वजह है कि सभी दलों ने मिलकर अविश्वास प्रस्ताव लाया है। अविश्वास प्रस्ताव लाने वालों का ही एक-दूसरे का विश्वास नहीं है।

 

वेब डेस्क, IBC24


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