राज्यसभा की बैठक हंगामे के कारण 12 बजे तक स्थगित

राज्यसभा की बैठक हंगामे के कारण 12 बजे तक स्थगित

राज्यसभा की बैठक हंगामे के कारण 12 बजे तक स्थगित
Modified Date: August 7, 2026 / 11:50 am IST
Published Date: August 7, 2026 11:50 am IST

नयी दिल्ली, सात अगस्त (भाषा) अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी और प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के बारे में गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग कर रहे विपक्षी सांसदों के हंगामे के कारण शुक्रवार को राज्यसभा की बैठक शुरू होने के कुछ देर बाद दोपहर बारह बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

पूर्वाह्न 11 बजे बैठक शुरू होने पर सभापति सी पी राधाकृष्णन ने आगामी नौ अगस्त को ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ की 84वीं वर्षगांठ का जिक्र करते हुए कहा कि ‘‘करो या मरो’’ के नारे के साथ भारतीयों ने आजादी के लिए जो संघर्ष किया उसकी वजह से ही हम आज आजाद हवा में सांस ले रहे हैं।

इसके बाद सदन में सदस्यों ने कुछ क्षण मौन रखकर देश के स्वतंत्रता आंदोलन में बलिदान देने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान विपक्षी सदस्यों की अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी और प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के बारे में गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग पर हो रही नारेबाजी को लेकर सभापति ने उन पर गहरी नाराजगी जाहिर की।

उन्होंने आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाए और शून्यकाल के तहत सदस्यों से लोकमहत्व से जुड़े मुद्दे उठाने के लिए कहा। बीजू जनता दल की सुलता देव, भाजपा के प्रकाश चिक बाराइक और अमरपाल मौर्य तथा भाकपा के पी पी सुनीर ने विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच मुद्दे उठाए।

इसी दौरान कांग्रेस और समाजवादी पार्टी सहित विपक्षी सदस्यों ने अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी और नीट प्रश्नपत्र लीक को लेकर प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग दोहराई।

आसन की अनुमति मिलने पर सदन में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि विपक्षी सदस्यों की मांग है कि प्रधानमंत्री सदन में आएं और हमसे बात करें। उन्होंने प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई का मुद्दा भी उठाया और गृह मंत्री अमित शाह से स्पष्टीकरण देने की मांग की।

इस पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा ‘‘नेता प्रतिपक्ष सदन को बाधित कर रहे हैं। आसन की ओर से आपको कोई निर्देश नहीं दिया गया है। ’’

रीजीजू ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष सदन को बाधित कर रहे हैं और उनका यह कहना सच नहीं है कि गृह मंत्री संसद आने से बच रहे हैं। उन्होंने कहा कि संसद सत्र के दौरान सुबह से रात तक गृह मंत्री यहीं रहते हैं जबकि विपक्षी सदस्य हंगामा कर सदन से बहिर्गमन कर जाते हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि सदन में कौन बोलेगा तथा कौन नहीं बोलेगा, यह विपक्षी दल तय नहीं करेंगे।

सभापति ने हंगामा कर रहे सदस्यों ने शून्यकाल चलने देने की अपील की। कुछ सदस्य अपने स्थानों से उठकर आगे आ गए। सभापति ने इन सदस्यों को अपने स्थानों पर लौट जाने के लिए कहा। अपनी बात का असर होते न देख उन्होंने 11 बजकर 30 मिनट पर बैठक को दोपहर बारह बजे तक स्थगित कर दिया।

संसद का मॉनसून सत्र 20 जुलाई से शुरू हुआ है और अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी और नीट प्रश्नपत्र लीक को लेकर प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई सहित विभिन्न मुद्दों पर गतिरोध बने होने के कारण उच्च सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित होती रही है।

भाषा मनीषा वैभव

वैभव


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