Ram Mandir Donation Case: “जमीन बेचकर दिया था राम मंदिर के लिए एक करोड़ रु का दान.. लोगों ने कहा था पंडा खा जायेंगे आपका पैसा”.. आप भी सुनें एक भक्त का मर्म

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Ram mandir donation embezzlement case: राम मंदिर दान मामले में एक करोड़ रुपये दान देने वाले भक्त ने कथित अनियमितताओं पर गहरा दुख जताया।

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  • Publish Date - June 27, 2026 / 06:50 PM IST,
    Updated On - June 27, 2026 / 06:51 PM IST

Ram mandir donation embezzlement case || Image- AI generated File

HIGHLIGHTS
  • एक करोड़ रुपये दानदाता ने जताई पीड़ा।
  • कथित अनियमितताओं के बीच दानदाताओं की शिकायतें बढ़ीं।
  • चन्दा चोरी को लेकर दर्ज हुई है एफआईआर

नई दिल्ली: अयोध्या के विश्वविख्यात राम मंदिर में कथित तौर पर चढ़ावे और दान के पैसे व सामानों में सामने आई गड़बड़ी को लेकर देशभर में सियासत गर्म है। विपक्षी दल इसके लिए सीधे तौर पर यूपी और केंद्र की भाजपा सरकार को कटघरे में खड़ा कर रहे हैं। (Ram mandir donation embezzlement case) उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने इस मामले की जाँच के लिए SIT का गठन किया था। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम की जाँच रिपोर्ट के बाद राम मंदिर ट्रस्ट की शिकायत पर एफआईआर दर्ज करते हुए कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है।

दानदाताओं ने की शिकायत

कथित दान की चोरी के प्रकरण के बाद अब कई दानदाता सामने आकर अपनी पीड़ा बता रहें है। कुछ दिन पहले सिंधी समाज ने शिकायत की थी कि, उन्होंने दान में चांदी की ईंट दी थी लेकिन उन्हें रसीद नहीं मिली। इसी तरह एक महिला भक्त ने चांदी के काकभुसुंडि दिए जाने का दावा किया था। वही अब एक और भक्त ने इस चोरी के प्रकरण पर अपना दुःख व्यक्त किया है।

इस बारें में राम जन्मभूमि ट्रस्ट को 1 करोड़ रुपये दान करने वाले समाजसेवी सियाराम उमरवैश्य ने कहा है कि, “दान करते समय सोचा था की हमारे राम के काम आएगा, इसलिए मैंने ज़मीन बेचकर 1 करोड़ रूपये दिए थे। हालांकि जब दान दिया था तो लोगों ने कहा भी कि पंडा लोग लूट लेंगे। (Ram mandir donation embezzlement case) मगर अब ये सब देखकर बड़ा दुख हो रहा है।”

“पाप बाहर निकलकर आ रहे हैं” : स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद

वही इस पूरे मुद्दे पर शंकराचार्य स्वामी श्रीअविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज की भी तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। मीडिया के पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए स्वामी श्रीअविमुक्तेश्वरानंद ने सवाल किया है कि, “जब मंदिर बनाने का ट्रस्ट बन रहा था तो उसमें चंपत राय आदि क्यों लाये गये? इनको कौन सा मंदिर बनवाने और मंदिर चलाने का अनुभव था? सिर्फ इसलिए कि अपने विश्वस्त्र लोगों को इसमें सेट करना है। जिससे जब जो चाहे धीरे से कर सकें। ट्रस्ट की प्रकृति ही विश्वस्त्र लोगों के आधार पर खड़ी की गयी, तभी हम लोगों को पता चल गया कि यहां पर मनमानापन होने वाला है। पाप निकलकर बाहर आने लगा।”

‘मामले की निष्पक्ष जांच करेगी पुलिस’ : ब्रजेश पाठक

वही दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने शुक्रवार को राम मंदिर चढ़ावा मामले को लेकर विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मुद्दे को लेकर पैदा किया गया विवाद समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस की सुनियोजित साजिश का हिस्सा है। (Ram mandir donation embezzlement case) उन्होंने सवाल उठाया कि बाबरी मस्जिद के लिए एकत्र किए गए चंदे का क्या हुआ, इस पर कोई सवाल क्यों नहीं उठाता। उनका आरोप था कि सपा और कांग्रेस तुष्टीकरण की राजनीति कर मुस्लिम वोटों के लिए सनातन धर्म पर हमला कर रही हैं।

राम मंदिर चढ़ावा मामले में विपक्ष के इस आरोप पर कि केवल निचले स्तर के कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, पाठक ने कहा कि पुलिस निष्पक्ष जांच करेगी और भाजपा सरकार भ्रष्टाचार के प्रति ‘कतई न बर्दाश्त’ की नीति पर काम करती है। उन्होंने कहा, “क्या आप पुलिस में हैं या हम? पुलिस इस मामले की निष्पक्ष जांच करेगी।”

उल्लेखनीय है कि एक दिन पहले अयोध्या पुलिस ने विशेष जांच दल (एसआईटी) की सिफारिश पर राम मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन के मामले में प्राथमिकी दर्ज की थी। इस मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। (Ram mandir donation embezzlement case) हालांकि, विपक्ष का आरोप है कि वरिष्ठ पदाधिकारियों को बचाते हुए केवल कनिष्ठ कर्मचारियों को नामजद किया गया है।

अवैध मदरसों की जांच और कार्रवाई का दावा

ब्रजेश पाठक ने यह भी आरोप लगाया कि सीमावर्ती जिलों में अवैध रूप से संचालित कुछ मदरसों को आतंकवादी गतिविधियों के लिए धन उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ऐसे संस्थानों की जांच कर रही है, अवैध रूप से संचालित मदरसों को बंद कराया जा रहा है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेजा जा रहा है।

‘चढ़ावे में हेरफेर, गबन और चोरी हुई है’ : हरि शंकर जैन

अयोध्या राम मंदिर में दान के कथित गबन के मामले पर मनशहूर वकील हरि शंकर जैन की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा, “रिपोर्ट और जांच के आधार पर इसमें कोई शक नहीं है कि राम लला को चढ़ाए गए चढ़ावे में हेरफेर, गबन और चोरी हुई है। (Ram mandir donation embezzlement case) पुलिस जांच करेगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करेगी। हालांकि, सिर्फ़ इतना ही काफी नहीं है। हमें भविष्य में ऐसा होने से रोकने के लिए उपाय करने होंगे और एक ऐसा पक्का सिस्टम बनाना होगा जिससे यह पक्का हो सके कि भगवान का एक भी पैसा कभी चोरी या गबन न हो।”

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हरि शंकर जैन ने आगे कहा, “मैं इस बेकार की बहस में नहीं पड़ना चाहता कि किसे इस्तीफ़ा देना चाहिए और किसे नहीं। सिर्फ़ आरोप लगने पर किसी को इस्तीफ़ा नहीं देना चाहिए। इस्तीफ़ा तभी ज़रूरी है जब तथ्यों से दोष साबित हो जाए।”

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Q1. एक करोड़ रुपये दान देने वाले भक्त ने क्या कहा?

उत्तर: उन्होंने कहा कि राम मंदिर के लिए जमीन बेचकर दान दिया था, लेकिन मौजूदा घटनाक्रम से दुखी हैं।

Q2. इस मामले में जांच किस स्तर पर चल रही है?

उत्तर: एसआईटी और पुलिस कथित अनियमितताओं की जांच कर रही हैं तथा कानूनी कार्रवाई जारी है।

Q3. क्या दान में गड़बड़ी के आरोप सिद्ध हो चुके हैं?

उत्तर: नहीं, मामले की जांच जारी है। अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।