Ramnath Kovind on RSS: ‘आरएसएस के सेवाभाव से प्रभावित थे महात्मा गांधी, दिल्ली में संघ की रैली को सम्बोधित किया था’.. सुनें रामनाथ कोविंद का यह उद्बोधन
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) अपने संगठन के 100 वर्ष पूरे होने का जश्न मना रहा है। इस उपलक्ष्य में विजयादशमी के अवसर पर आयोजित समारोह में पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने हिस्सा लिया।
Ramnath Kovind on RSS || Image- ANI File
- रामनाथ कोविंद ने RSS की सेवाभाव की प्रशंसा की
- गांधी जी दिल्ली में RSS की रैली को संबोधित कर चुके
- मोहन भागवत ने गुरु तेग बहादुर और शास्त्री को याद किया
Ramnath Kovind on RSS: नागपुर: देश के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने नागपुर में आरएसएस के शताब्दी समारोह में हिस्सा लिया और वहां मौजूद हजारों आरएसएस कार्यकर्ताओं को सम्बोधित किया। अपने उद्बोधन में उन्होंने संघ के विचारधार, उनके सेवाभाव और देश के प्रति आरएसएस के समर्पण की मुक्तकंठ से प्रशंसा की।
महात्मा गांधी थे RSS से प्रभावित
रामनाथ कोविंद ने कहा, “संघ में व्याप्त समरसता और समानता तथा जाति भेद से पूरी तरह मुक्त व्यवहार को देखकर महात्मा गांधी भी बहुत प्रभावित हुए थे।” उन्होंने इस बात का विस्तृत विवरण संपूर्ण गांधी वांग्मय में मिलने की बात कही। उन्होंने आगे बताया कि गांधी जी ने 16 सितंबर 1947 को दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की रैली को संबोधित किया था। कोविंद ने आगे कहा कि गांधी जी, संघ के संस्थापक डॉक्टर हेडगेवार के जीवनकाल में भी संघ के शिविर में गए थे और वह शिविर के अनुशासन, सादगी और छुआछूत की पूर्ण समाप्ति को देखकर अत्यंत प्रभावित हुए थे।
🚨 HUGE STATEMENT 🚨
Ex President Ramnath Kovind says “Mahatma Gandhi attended the RSS rally in 1947. He was impressed with RSS’s discipline & simplicity.”
pic.twitter.com/anZzzWBCOc— Times Algebra (@TimesAlgebraIND) October 2, 2025
भागवत ने भी किया महात्मा गांधी को याद
Ramnath Kovind on RSS: इसी कड़ी में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने भी विभिन्न राष्ट्रीय विभूतियों को याद किया और उनके योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने इस वर्ष को गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान का साढ़े तीन सौ वर्ष बताया। भागवत ने कहा कि उन्होंने “अत्याचार, अन्याय और सांप्रदायिक भेदभाव से समाज की मुक्ति के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।” 2 अक्टूबर को स्वर्गीय महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर, भागवत ने कहा कि स्वतंत्रता की लड़ाई में उनका योगदान अविस्मरणीय है। उन्होंने महात्मा गांधी को स्वतंत्रता के बाद भारत कैसा हो, इस बारे में विचार देने वाले अग्रणी दार्शनिक नेताओं में स्थान दिया। उन्होंने स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री को भी याद किया, जिनकी जयंती भी 2 अक्टूबर को होती है, और उन्हें “भक्ति, देश सेवा के उत्तम उदाहरण” बताया।
बता दें कि, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) अपने संगठन के 100 वर्ष पूरे होने का जश्न मना रहा है। इस उपलक्ष्य में विजयादशमी के अवसर पर आयोजित समारोह में पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने हिस्सा लिया।
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