Ranchi Student Protest : रांची में छात्रों पर लाठीचार्ज! विधानसभा घेराव के दौरान मचा बवाल, वाटर कैनन-आंसू गैस से हालात बेकाबू

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रांची में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन सोमवार को उग्र हो गया। विधानसभा घेराव के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव हुआ, जिसके बाद पुलिस ने वाटर कैनन, आंसू गैस और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया। छात्र परीक्षा रद्द करने और CBI जांच की मांग पर अड़े हैं।

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  • Publish Date - August 10, 2026 / 05:05 PM IST,
    Updated On - August 10, 2026 / 05:05 PM IST

Ranchi Student Protest / Image Source : FILE

HIGHLIGHTS
  • विधानसभा घेराव के दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों और पुलिस के बीच टकराव हुआ।
  • पुलिस के अनुसार बैरिकेडिंग तोड़ने और धक्का-मुक्की के बाद हल्का बल प्रयोग किया गया।
  • छात्र JPSC-JSSC परीक्षाओं को लेकर CBI जांच और अन्य मांगों पर अब भी अड़े हैं।

रांची : झारखंड की राजधानी रांची में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं के विरोध में छात्रों का आंदोलन हिंसक हो गया। सोमवार 10 अगस्त को झारखंड विधानसभा घेराव के लिए निकले प्रदर्शनकारी छात्रों और पुलिस के बीच तीखा टकराव हुआ। स्थिति पर काबू पाने और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन, आंसू गैस के गोले और लाठीचार्ज का सहारा लिया। इस झड़प में तीन पुलिसकर्मियों और 4-5 प्रदर्शनकारियों के मामूली रूप से घायल होने की खबर है।

सीबीआई जांच की मांग पर अड़े हुए हैं छात्र

प्रदर्शनकारी छात्र 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा और जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा को रद्द करने तथा मामले की सीबीआई जांच की मांग पर अड़े हुए हैं। नौ दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे स्टूडेंट लीडर देवेंद्रनाथ महतो भी स्ट्रेचर और एंबुलेंस के जरिए इस मार्च में शामिल हुए। छात्रों ने कटीले तारों की बाड़ और पुलिस की कई बैरिकेडिंग तोड़ दी। रांची के सिटी एसपी पारस राणा के अनुसार, प्रदर्शनकारियों द्वारा बैरिकेड्स तोड़ने और धक्का-मुक्की करने के बाद पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया।

जेपीएससी के तीनों सदस्यों ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया

इससे पहले रविवार 9 अगस्त को सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच हुई वार्ता में सरकार ने 14वीं जेपीएससी प्री परीक्षा और 2023 व 2025 की जेपीएससी बैकलॉग परीक्षाओं को रद्द करने तथा टीडीपीएल (TDPL) एजेंसी द्वारा आयोजित परीक्षाओं की सीआईडी और ईडी से जांच कराने पर सहमति जताई थी। साथ ही जेपीएससी के तीनों सदस्यों ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है

मुख्यमंत्री ने छात्रों को दिया न्याय का आश्वासन

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पूरी पारदर्शिता के साथ न्याय का आश्वासन दिया है। इसके बावजूद छात्र जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द करने और पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग को लेकर आंदोलन पर डटे हुए हैं। सरकार का दावा है कि उसने अभ्यर्थियों की लगभग 98 प्रतिशत मांगें स्वीकार कर ली हैं, लेकिन छात्र संगठनसीबीआई जांच और उम्र सीमा में छूट जैसे मुद्दों पर किसी भी समझौते के मूड में नहीं हैं।

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