पुडुचेरी: रंगासामी को कल्याणकारी योजनाओं के दम पर पांचवीं बार मुख्यमंत्री बनने का भरोसा

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पुडुचेरी: रंगासामी को कल्याणकारी योजनाओं के दम पर पांचवीं बार मुख्यमंत्री बनने का भरोसा

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  • Publish Date - April 5, 2026 / 07:34 PM IST,
    Updated On - April 5, 2026 / 07:34 PM IST

पुडुचेरी, पांच अप्रैल (भाषा) पुडुचेरी में नौ अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री एन. रंगासामी पांचवें कार्यकाल के लिए चुनावी मैदान में हैं और उनकी पार्टी अखिल भारतीय एन.आर. कांग्रेस (एआईएनआरसी) सत्ता में वापसी के लिए सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को प्रमुख आधार बनाकर प्रचार कर रही है।

रंगासामी थट्टनचावडी तथा मंगलम निर्वाचन क्षेत्रों से चुनाव मैदान में हैं। एआईएनआरसी-भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार को सादगीपूर्ण छवि के लिए जाने जाने वाले 75 वर्षीय रंगासामी की लोकप्रियता के दम पर चुनाव जीतने और सत्ता बरकरार रखने का भरोसा है।

सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले रंगासामी पांचवें कार्यकाल के लिए चुनावी रण में हैं।

उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए एक साक्षात्कार में अपनी सरकार की कल्याणकारी पहलों का जिक्र किया, जिनमें 11वीं और 12वीं कक्षा के छात्रों को मुफ्त लैपटॉप वितरित करना भी शामिल है।

उन्होंने कहा, ‘‘हम अपने बच्चों का सहयोग करने के लिए वह सब करेंगे जो जरूरी है ताकि वे अच्छी तरह पढ़ सकें और जीवन में आगे बढ़ें।’’

यह पूछे जाने पर कि अगर उनका गठबंधन चुनाव जीतता है और सत्ता बरकरार रखता है तो क्या महिलाओं के लिए 2,500 रुपये मासिक वित्तीय सहायता योजना का दायरा बढ़ाया जाएगा, उन्होंने कहा, ‘‘हम अभी 73,000 महिलाओं को यह सहायता दे रहे हैं और चुनाव जीतने के बाद सभी जरूरतमंद महिलाओं को यह सहायता दी जाएगी, इसके लिए कोई ऊपरी सीमा या अधिकतम सीमा नहीं है।’’

महिलाओं के लिए नकद सहायता रंगासामी के नेतृत्व वाली एआईएनआरसी-भाजपा सरकार की उन कई पहलों एवं कल्याणकारी कदमों में से एक है, जिनके सहारे उसे चुनाव जीतने का भरोसा है।

एआईएनआरसी के नेता आमजन से मुलाकात कर अपनी गठबंधन सरकार की ‘‘उपलब्धियों’’ का प्रचार कर रहे हैं। पार्टी कार्यकर्ता बता रहे हैं कि जब संपत्तियों का पंजीकरण महिलाओं के नाम किया जाता है, तो स्टांप शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट दी जाती है।

सत्तारूढ़ एन.आर. कांग्रेस दिव्यांगजन के लिए 3,000 रुपये मासिक सहायता, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (एससी/एसटी) के छात्रों एवं अन्य के लिए शैक्षणिक नकद सहायता, ‘फेंगल’ चक्रवात राहत के रूप में प्रत्येक राशन कार्ड पर 5,000 रुपये की सहायता और गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) के परिवारों एवं वृद्धावस्था पेंशन पाने वालों के लिए इसी तरह की विभिन्न सहायता योजनाओं के आधार पर प्रचार अभियान चला रही है।

पार्टी कार्यकर्ता एस. सरवनन ने कहा, ‘‘हमारी सरकार सरकारी एवं राज्य से सहायता प्राप्त विद्यालयों के छात्रों को चिकित्सा पाठ्यक्रमों में 10 प्रतिशत आरक्षण देती है, क्या देश में कहीं कोई दूसरी सरकार इतनी सुविधा देती है? तमिलनाडु भी केवल 7.5 प्रतिशत आरक्षण देता है।’’

भले ही सत्तारूढ़ पार्टी को अपनी कल्याणकारी योजनाओं के सहारे चुनाव जीतने का भरोसा है लेकिन उसकी राह आसान नहीं है। विपक्षी दल मुख्य रूप से नकली दवाओं के मामले को उठाकर भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं, वहीं स्थानीय लोग ‘‘रोजगार की दिक्कतों’’ समेत कई परेशानियों का हल चाहते हैं।

रंगासामी ने आठ राज्यों को आपूर्ति से जुड़े कथित नकली दवा निर्माण घोटाले के बारे में कहा, ‘‘मामले की जांच जारी है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) इसकी जांच कर रहा है और मुझे नहीं लगता कि ऐसे किसी विषय पर टिप्पणी करना उचित होगा जिसकी जांच अभी पूरी नहीं हुई है।’’

भाषा सिम्मी संतोष

संतोष