नाबालिग से दुष्कर्म का मामला : न्यायालय ने आसाराम की याचिका पर राजस्थान सरकार से जवाब मांगा
नाबालिग से दुष्कर्म का मामला : न्यायालय ने आसाराम की याचिका पर राजस्थान सरकार से जवाब मांगा
नयी दिल्ली, 30 जून (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने नाबालिग से दुष्कर्म के 2013 के एक मामले में स्वयंभू बाबा आसाराम द्वारा दायर उस याचिका पर राजस्थान सरकार से मंगलवार को जवाब मांगा, जिसमें उसने अपनी दोषसिद्धि और आजीवन कारावास की सजा को बरकरार रखने वाले राजस्थान उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती दी है।
न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति शील नागू की पीठ ने राजस्थान सरकार को नोटिस जारी करते हुए दो सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।
पीठ ने मौखिक रूप से कहा, ‘‘हम अभी जमानत नहीं दे रहे हैं। राज्य सरकार की दलील सुनने के बाद ही इस बात पर विचार करेंगे कि क्या जमानत देने की कोई गंभीर आवश्यकता है, जैसे कि ऐसी स्थिति जिसमें उसके जीवन को खतरा हो।’’
राजस्थान उच्च न्यायालय ने 27 मई को इस मामले में आसाराम की दोषसिद्धि को बरकरार रखा था, लेकिन उसे भारतीय दंड संहिता और बाल यौन अपराध संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत बच्चे के सामूहिक दुष्कर्म और ‘पेनिट्रेटिव’ यौन शोषण के आरोपों से बरी कर दिया था।
आसाराम को 25 अप्रैल, 2018 को अपने आश्रम में एक नाबालिग शिष्या के यौन उत्पीड़न का दोषी ठहराया गया था। इसके बाद उसे भारतीय दंड संहिता, पॉक्सो अधिनियम और किशोर न्याय अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी।
भाषा गोला वैभव
वैभव

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