न्यायिक सेवाओं में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत तक पद आरक्षित करने की याचिका पर सुनवाई से इनकार

न्यायिक सेवाओं में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत तक पद आरक्षित करने की याचिका पर सुनवाई से इनकार

न्यायिक सेवाओं में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत तक पद आरक्षित करने की याचिका पर सुनवाई से इनकार
Modified Date: April 16, 2026 / 09:29 pm IST
Published Date: April 16, 2026 9:29 pm IST

नयी दिल्ली, 16 अप्रैल (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को न्यायिक सेवाओं में 50 प्रतिशत पदों को भरने तथा विधि अधिकारियों और सरकारी वकीलों के रूप में नियुक्ति के लिए योग्य महिला उम्मीदवारों पर विचार करने का निर्देश देने के अनुरोध वाली याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया।

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम पंचोली की पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता ऐसी याचिकाएं दायर न करें।

प्रधान न्यायाधीश ने तीनों याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश हुए अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन से कहा, ‘‘हमें शर्मिंदा न करें और अपने लिए जटिलताएं पैदा न करें।’’

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि विधि क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं और ऐसे बदलाव एक दिन में नहीं होते।

पीठ ने यह भी कहा कि याचिका में उठाए गए मुद्दे को न्यायिक क्षेत्र में उठाना उचित नहीं होगा, जब तक कि विशेष तथ्यों और परिस्थितियों में हस्तक्षेप की आवश्यकता न हो।

याचिका का निपटारा करते हुए पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता संबंधित हितधारकों को एक विस्तृत अभ्यावेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।

भाषा शफीक सुरेश

सुरेश


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