क्षेत्रीय दलों को 2024-25 में घोषित चंदे के रूप में मिले 1050 करोड़ रुपये, द्रमुक शीर्ष पर : एडीआर

क्षेत्रीय दलों को 2024-25 में घोषित चंदे के रूप में मिले 1050 करोड़ रुपये, द्रमुक शीर्ष पर : एडीआर

क्षेत्रीय दलों को 2024-25 में घोषित चंदे के रूप में मिले 1050 करोड़ रुपये, द्रमुक शीर्ष पर : एडीआर
Modified Date: August 6, 2026 / 05:13 pm IST
Published Date: August 6, 2026 5:13 pm IST

नयी दिल्ली, छह अगस्त (भाषा) क्षेत्रीय दलों को 2024-25 में 20,000 रुपये से अधिक के मिले घोषित चंदे में इससे एक साल पहले की तुलना में तीन गुना से अधिक की वृद्धि हुई है और द्रमुक सबसे अधिक दान पाने वाली पार्टी बनकर उभरी है। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म (एडीआर) की ओर से बृहस्पतिवार को जारी रिपोर्ट में इसकी जानकारी दी गयी है।

एडीआर रिपोर्ट के मुताबिक क्षेत्रीय दलों को इस श्रेणी में (20 हजार रुपये से अधिक की) 2024-25 में कुल 1,051.56 करोड़ रुपये का चंदा मिला, जो 2023-24 में मिले 347.69 करोड़ रुपये से अधिक है। वहीं, इन दो सालों में मिले चंदे की कुल संख्या क्रमशः 5,297 और 2,861 थी, जो 85 प्रतिशत की बढ़ोतरी को दर्शाता है।

राजनीतिक वित्तपोषण में कॉर्पोरेट और कारोबारी घरानों का दबदबा रहा और इन्होंने 2024-25 में कुल 644.93 करोड़ रुपये का दान क्षेत्रीय दलों को दिया, जो इससे एक साल पहले दिए गए 227.61 करोड़ रुपये के दान से लगभग तीन गुना अधिक है।

एडीआर की रिपोर्ट के मुताबिक इन दो सालों में संख्या के लिहाज से सबसे अधिक व्यक्तिगत स्तर पर दान दिये गए और इनकी संख्या 5,647 रही। हालांकि, कुल दान की राशि में उनका योगदान महज 193.95 करोड़ रुपये या लगभग 14 प्रतिशत था।

एडीआर के मुताबिक 2024-25 में व्यक्तिगत दान की संख्या तो बढ़ी, लेकिन राशि के लिहाज से इसमें कमी आई।

एडीआर के मुताबिक द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) को अनाम लोगों से सबसे अधिक यानी 300.64 करोड़ रुपये का चंदा मिला, जो उस साल मिले कुल घोषित चंदे का 82 प्रतिशत से अधिक था।

तमिलनाडु में मुख्य रूप से केंद्रित द्रमुक 2024-25 में चंदा पाने वाली पार्टियों की सूची में भी सबसे ऊपर रही, जिसने 365.78 करोड़ रुपये का चंदा घोषित किया। इसके बाद तृणमूल कांग्रेस ने 184.96 करोड़ रुपये और वाईएसआर कांग्रेस 140.04 करोड़ रुपये का चंदा मिलने की जानकारी दी।

रिपोर्ट में कहा गया कि 2023-24 में तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा)को सबसे अधिक यानी 100.19 करोड़ रुपये का चंदा मिला था।

भाषा धीरज रंजन

रंजन


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