मप्र के शिवपुरी में 111 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा क्षेत्रीय डाक प्रशिक्षण केन्द्र
मप्र के शिवपुरी में 111 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा क्षेत्रीय डाक प्रशिक्षण केन्द्र
गुना (मध्यप्रदेश), 11 जनवरी (भाषा) केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने रविवार को अपने संसदीय क्षेत्र शिवपुरी में देश के सातवें क्षेत्रीय डाक प्रशिक्षण केन्द्र स्थापित किए जाने की घोषणा की और कहा कि यह केंद्र मध्यप्रदेश के साथ ही छत्तीसगढ़ और राजस्थान के डाक कर्मियों की प्रशिक्षण आवश्यकताओं को पूरा करेगा।
शिवपुरी के कत्थामिल क्षेत्र में आधुनिक उप-डाकघर तथा शिवपुरी सिटी पोस्ट ऑफिस का उद्घाटन करने के बाद सिंधिया ने अपने संबोधन के दौरान यह घोषणा की।
उन्होंने डाक विभाग की बदलती भूमिका और उसकी क्षमता को रेखांकित करते हुए कहा कि यदि कोई व्यवस्था आज भी पूरी निष्ठा के साथ आम नागरिक की सेवा में समर्पित है, तो वह भारत का डाक विभाग है।
उन्होंने कहा कि 111 करोड़ रुपये की लागत से यह क्षेत्रीय प्रशिक्षण केन्द्र बनेगा, जिससे शिवपुरी संचार, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के क्षेत्र में एक नई पहचान हासिल करेगा।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वर्तमान में देश में डाक विभाग के अंतर्गत छह प्रशिक्षण केन्द्र हैं, जहां हर वर्ष लगभग 18,000 डाक कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जाता है। ये केंद्र सहारनपुर, वडोदरा, मैसूरु, गुवाहाटी, मदुरै और दरभंगा में हैं।
सिंधिया ने कहा कि शिवपुरी केंद्र के बनकर तैयार हो जाने के बाद यहां एक समय में लगभग 250 प्रशिक्षु प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे तथा प्रति वर्ष लगभग 1,800 से अधिक कर्मियों को आधुनिक, डिजिटल और सेवा-उन्मुख प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
सिंधिया ने डाक विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को स्पष्ट लक्ष्य देते हुए कहा कि जिस प्रकार ग्वालियर एयरपोर्ट 16 महीनों में बनकर तैयार हुआ, उसी तरह यह प्रशिक्षण केन्द्र भी 8–12 महीनों के भीतर पूर्ण किया जाए।
उन्होंने कहा कि अगले शिवपुरी दौरे में इस केंद्र का शिलान्यास किया जाएगा और तय समय सीमा में लोकार्पण भी किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि शिवपुरी की भौगोलिक स्थिति, सड़क और रेल संपर्क तथा शांत वातावरण इसे प्रशिक्षण संस्थान के लिए आदर्श बनाते हैं।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि शिवपुरी जिले के सभी 52 डाकघरों का आधुनिकीकरण पूर्ण हो चुका है।
उन्होंने कहा, ‘आज डाकघर केवल पत्राचार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आधार-आधारित सेवाएं, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक, पासपोर्ट सेवाओं में सहयोग, म्यूचुअल फंड वितरण, बीमा योजनाएं और वित्तीय समावेशन का सशक्त माध्यम बन चुके हैं।’
उन्होंने कहा कि डाक विभाग से जुड़े खातों में आज देशभर में 22 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि सुरक्षित है और केवल शिवपुरी जिले में 20,000 से अधिक नए खाते खोले जा चुके हैं।
सिंधिया ने सुकन्या समृद्धि योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि यह योजना बीज बोने जैसी है, जिसे माता-पिता मिलकर वटवृक्ष के रूप में विकसित करते हैं।
उन्होंने कहा, ‘आज देशभर में बच्चियों के नाम पर 2 लाख करोड़ से अधिक की राशि जमा है।’
उन्होंने कहा कि महिला सशक्तीकरण का यह कार्य जिस पैमाने पर डाक विभाग कर रहा है, वह किसी अन्य व्यवस्था के लिए संभव नहीं है।
सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में देश के डाकघर गांवों की अर्थव्यवस्था, वित्तीय समावेशन और आत्मनिर्भरता के मजबूत स्तंभ बन रहे हैं और इसी संकल्प के साथ आगे बढ़ते हुए सरकार ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को निरंतर साकार करने की दिशा में अग्रसर है।
भाषा सं ब्रजेन्द्र पवनेश रंजन
रंजन

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