प्रख्यात इतिहासकार के.एन. पणिक्कर का 90 वर्ष की आयु में निधन

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प्रख्यात इतिहासकार के.एन. पणिक्कर का 90 वर्ष की आयु में निधन

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  • Publish Date - March 9, 2026 / 07:03 PM IST,
    Updated On - March 9, 2026 / 07:03 PM IST

तिरुवनंतपुरम, नौ मार्च (भाषा) प्रख्यात इतिहासकार एवं शिक्षाविद के.एन. पणिक्कर का सोमवार को यहां एक निजी अस्पताल में उम्र संबंधी बीमारियों के कारण निधन हो गया। परिवार के सूत्रों ने यह जानकारी दी।

वह 90 वर्ष के थे।

इतिहास के क्षेत्र में एक प्रतिष्ठित व्यक्तित्व रहे पणिक्कर इतिहास लेखन में अपने मार्क्सवादी दृष्टिकोण और क्षेत्र में धर्मनिरपेक्ष एवं वैज्ञानिक तरीकों को बढ़ावा देने के लिए व्यापक रूप से जाने जाते थे। उनकी पहचान साम्प्रदायिकता के आलोचक के रूप में भी थी।

इस वरिष्ठ इतिहासकार ने आधुनिक भारतीय इतिहास के अध्ययन में प्रगतिशील दृष्टिकोण को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उच्च शिक्षा पूरी करने के बाद पणिक्कर ने राष्ट्रीय राजधानी के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में इतिहास विभाग के शिक्षक के रूप में कार्य शुरू किया, जहां बाद में उन्होंने विभागाध्यक्ष के रूप में भी सेवा दी।

पणिक्कर ने राज्य के कलाडी स्थित श्री शंकराचार्य संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति के रूप में भी सेवा दी।

वह केरल ऐतिहासिक अनुसंधान परिषद के संस्थापक अध्यक्ष भी थे और 2001 से 2017 तक इस संस्था का नेतृत्व किया।

पणिक्कर की दो पुत्रियां हैं। उनकी पत्नी राजस्थान की मूल निवासी और उनकी पूर्व सहपाठी थीं। उनका निधन पहले ही हो चुका है।

मुख्यमंत्री पिनराई विजयन, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के राज्य सचिव एम. वी. गोविंदन, सामान्य शिक्षा मंत्री वी. शिवणकुट्टी और कई अन्य लोगों ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है।

विजयन ने एक विस्तृत संदेश में पणिक्कर को एक सांस्कृतिक व्यक्तित्व के रूप में वर्णित किया, जिन्होंने इतिहास की वैज्ञानिक और वस्तुनिष्ठ समझ की दृढ़ता से रक्षा की।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सांस्कृतिक क्षेत्र में धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा में उनका योगदान महत्वपूर्ण था।

भाषा सुरेश नरेश

नरेश