मनरेगा के स्थान पर नया कानून बनाना लोगों के संवैधानिक अधिकार पर हमला: कांग्रेस

मनरेगा के स्थान पर नया कानून बनाना लोगों के संवैधानिक अधिकार पर हमला: कांग्रेस

मनरेगा के स्थान पर नया कानून बनाना लोगों के संवैधानिक अधिकार पर हमला: कांग्रेस
Modified Date: January 7, 2026 / 09:04 pm IST
Published Date: January 7, 2026 9:04 pm IST

नयी दिल्ली, सात जनवरी (भाषा) कांग्रेस ने ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ की तैयारियों के बीच बुधवार को अपनी राज्य और स्थानीय इकाइयों के साथ कुछ दस्तावेज साझा किए, जिनमें आरोप लगाया गया कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) के समय के महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के स्थान पर नया कानून बनाया जाना लोगों के काम करने के संवैधानिक अधिकार पर हमला है।

मुख्य विपक्षी दल ने साझा किए गए दस्तावेजों में ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ के तहत की जाने वाली मांगों को भी सूचीबद्ध किया, जिसमें मनरेगा में बदलावों को तत्काल वापस लेने और मजदूरी 400 रुपये करने की मांगें शामिल है।

कांग्रेस महासचिवों, राज्य प्रभारियों, प्रदेश अध्यक्षों और अन्य प्रमुख संगठनात्मक पदाधिकारियों को भेजे पत्र में कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने चार दस्तावेज सूचीबद्ध किए, जिनके बारे में उन्होंने कहा कि एआईसीसी महासचिवों और प्रभारियों को इन दस्तावेजों को आठ जनवरी से पहले अपने संबंधित प्रदेश कांग्रेस कमेटियों (पीसीसी), जिला कांग्रेस कमेटियों (डीसीसी) और ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों के साथ साझा करना होगा।

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मुख्य विपक्षी दल ने एक पेज का एक मसौदा पैम्फलेट (प्रचारिका) ‘मनरेगा के विध्वंस के खिलाफ एक मसौदा प्रस्ताव’, मनरेगा बनाम नए कानूनों पर बात करने वाले बिंदुओं की एक ‘ड्राफ्ट फैक्टशीट’ और 12 जनवरी से 29 जनवरी के बीच पंचायत स्तर पर कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा पूरे किए जाने वाले कार्यों की एक मसौदा सूची साझा की है।

कांग्रेस ‘विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम’ को वापस लेने और महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को बहाल करने की मांग को लेकर 10 जनवरी से 45 दिन के राष्ट्रव्यापी ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ की शुरुआत करेगी।

भाषा हक

हक सुरेश

सुरेश


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