तय समयसीमा के बाद जुर्माना जमा कराने पर ही रिपोर्ट और दस्तावेज रिकॉर्ड पर लिये जाएंगे: एनजीटी

तय समयसीमा के बाद जुर्माना जमा कराने पर ही रिपोर्ट और दस्तावेज रिकॉर्ड पर लिये जाएंगे: एनजीटी

तय समयसीमा के बाद जुर्माना जमा कराने पर ही रिपोर्ट और दस्तावेज रिकॉर्ड पर लिये जाएंगे: एनजीटी
Modified Date: January 7, 2026 / 06:59 pm IST
Published Date: January 7, 2026 6:59 pm IST

नयी दिल्ली, सात जनवरी (भाषा) राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने बुधवार को कहा कि निर्धारित तिथि के बाद जमा किए गए किसी भी दस्तावेज को केवल जुर्माना जमा कराने के बाद ही रिकॉर्ड में लिया जाएगा। इन दस्तावेजों में जवाब और रिपोर्ट भी शामिल हैं।

एनजीटी ने हरियाणा में पर्यावरण उल्लंघन से संबंधित एक मामले की सुनवाई करते हुए पाया कि एक संयुक्त समिति उसके निर्देशों के अनुसार पिछले साल नवंबर तक अपनी अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत करने में विफल रही।

अधिकरण के न्यायिक सदस्य अरुण कुमार त्यागी और विशेषज्ञ सदस्य अफरोज अहमद की पीठ ने कहा, ‘‘हमने पाया है कि इस अधिकरण द्वारा प्रत्युत्तर या रिपोर्ट दाखिल करने की अवधि निर्दिष्ट करने वाले आदेशों के बावजूद, संबंधित पक्ष या समितियां निर्दिष्ट अवधि के बाद भी इन्हें दाखिल करने की स्वतंत्रता ले लेती हैं, जिससे समय की सरासर बर्बादी होती है।’’

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पीठ ने कहा कि किसी भी असाधारण तथ्य और परिस्थितियों के मामले में, पक्षकार या समिति न्यायाधिकरण से अतिरिक्त समय देने का अनुरोध कर सकती है या विलंबित रिपोर्ट प्रस्तुत करते समय देरी की माफी के लिए याचिका दायर कर सकती है।

एनजीटी ने रेखांकित किया कि इस प्रकार की विलंबित रिपोर्ट को उसकी स्पष्ट अनुमति के बिना रिकॉर्ड में नहीं रखा जा सकता। उसने कहा कि ऐसी रिपोर्ट को असुविधा, विलंब और अनावश्यक स्थगन के लिए उचित जुर्माना जमा करने के बाद ही रिकॉर्ड में लिया जाना चाहिए।

भाषा धीरज सुरेश

सुरेश


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