महिला आयोग की कार्यशाला में राज्यों की प्रतिनिधियों को बोलने नहीं दिया गया: कांग्रेस

महिला आयोग की कार्यशाला में राज्यों की प्रतिनिधियों को बोलने नहीं दिया गया: कांग्रेस

महिला आयोग की कार्यशाला में राज्यों की प्रतिनिधियों को बोलने नहीं दिया गया: कांग्रेस
Modified Date: September 8, 2026 / 07:43 pm IST
Published Date: September 8, 2026 7:43 pm IST

नयी दिल्ली, आठ सितंबर (भाषा) कांग्रेस ने राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा आयोजित कार्यशाला को लेकर मंगलवार को आरोप लगाया कि आयोग प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तरह ऐसी शैली में काम कर रहा है जिसमें सिर्फ ‘‘अपने मन की बात की जाती है’’ और लोगों को अपनी बात कहने का मौका नहीं मिलता।

महिला आयोग ने सोमवार और मंगलवार को फरीदाबाद में ‘शी इज ए चेंजमेकर’ विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया, जिसका उद्घाटन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने किया था।

कांग्रेस प्रवक्ता रागिनी नायक बसोया ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘इस कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों की महिला जनप्रतिनिधियों को मंच पर बैठाया गया, लेकिन इसका उद्घाटन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने किया। जिस कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को नेतृत्व के लिए सशक्त करना है, वहां महिला आयोग को एक भी योग्य महिला नहीं लगी जिन्हें कार्यक्रम के उद्घाटन का अवसर दिया जाता?’’

उन्होंने आरोप लगाया कि दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर राज्यों से आई महिला जनप्रतिनिधियों ने कार्यशाला के दौरान कहा कि उन्हें कार्यक्रम में कही जा रही कई बातें समझ नहीं आ रही थीं।

उन्होंने कहा कि इन प्रतिनिधियों ने ऐसे दस्तावेज उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था जो हिंदी के अलावा स्थानीय भाषाओं या अंग्रेजी में हों, ताकि वे उन्हें पढ़कर समझ सकें, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई।

कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि महिला आयोग भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शैली में काम कर रहा है, जिसमें सिर्फ ‘‘अपने मन की बात की जाती है’’ और लोगों को अपनी बात कहने का अधिकार नहीं है।

भाषा हक अविनाश

अविनाश


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