शांति बहाल करना ही मजबूत अर्थव्यवस्था के साथ विकसित मणिपुर बनाने का एकमात्र रास्ता: मुख्यमंत्री

शांति बहाल करना ही मजबूत अर्थव्यवस्था के साथ विकसित मणिपुर बनाने का एकमात्र रास्ता: मुख्यमंत्री

शांति बहाल करना ही मजबूत अर्थव्यवस्था के साथ विकसित मणिपुर बनाने का एकमात्र रास्ता: मुख्यमंत्री
Modified Date: September 26, 2026 / 08:49 pm IST
Published Date: September 26, 2026 8:49 pm IST

इंफाल, 26 सितंबर (भाषा) मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने शनिवार को कहा कि एक विकसित राज्य और मजबूत अर्थव्यवस्था बनाने का एकमात्र तरीका शांति बहाल करना है।

सेनापति जिले के मराम में एक कॉलेज के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा कि शांति और आर्थिक विकास एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं।

सिंह ने कहा, ‘‘विकसित मणिपुर और मजबूत अर्थव्यवस्था बनाने का एकमात्र रास्ता शांति बहाल करना है।’’

उन्होंने कार्यक्रम में कहा, ‘‘अगर राज्य की अर्थव्यवस्था प्रभावित रहेगी, तो हम विकास कैसे कर सकते हैं?’’

जातीय संघर्ष के आर्थिक असर का जिक्र करते हुए सिंह ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में राज्य को माल एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह में करीब 1,300 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

उन्होंने कहा कि संकट के कारण पैदा हुए आर्थिक व्यवधान से विकास और लोगों की आजीविका प्रभावित हुई, खासकर गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोगों की।

सिंह ने कहा कि मणिपुर की ताकत उसकी एकता में है और अगर लोग बंटे रहे, तो राज्य की सामूहिक शक्ति कमजोर हो जाएगी।

उन्होंने पहले भी इस बात पर जोर दिया था कि विकास तभी हो सकता है जब सभी समुदाय मिलकर तरक्की करें।

सिंह ने इस बात को भी दोहराया कि मणिपुर में कई समुदाय रहते हैं और दुर्भाग्य से समुदायों के बीच ‘‘गलतफहमी और बातचीत की कमी’’ की वजह से कई तरह की समस्याएं पैदा हुई हैं।

पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर जोर देते हुए, सिंह ने लोगों से राज्य के प्राकृतिक संसाधनों और वनों की रक्षा करने का भी आग्रह किया।

उन्होंने कहा, ‘‘जब भी कोई पेड़ काटा जाए, उसकी जगह दो-तीन पौधे लगाए जाने चाहिए।’’ सिंह ने कहा कि विकास के साथ पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि जिले के ताडुब्बी विधानसभा क्षेत्र में एक स्टेडियम का निर्माण किया जाएगा।

मई 2023 में इंफाल घाटी के मेइती और आसपास की पहाड़ियों में रहने वाले कुकी समुदाय के बीच शुरू हुई जातीय हिंसा में कम से कम 306 लोगों की मौत हो चुकी है और 49 लोग अब भी लापता हैं। इस हिंसा के कारण हजारों लोग बेघर हो गए।

भाषा आशीष नेत्रपाल

नेत्रपाल


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