आरजीआई की टिप्पणियां प्राप्त नहीं हुईं, रिपोर्ट साझा नहीं की जा सकती’ : एनसीएसटी

आरजीआई की टिप्पणियां प्राप्त नहीं हुईं, रिपोर्ट साझा नहीं की जा सकती' : एनसीएसटी

आरजीआई की टिप्पणियां प्राप्त नहीं हुईं, रिपोर्ट साझा नहीं की जा सकती’ : एनसीएसटी
Modified Date: March 12, 2026 / 10:09 pm IST
Published Date: March 12, 2026 10:09 pm IST

नयी दिल्ली, 12 मार्च (भाषा) केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) को सूचित किया गया कि अनुसूचित जनजाति राष्ट्रीय आयोग (एनसीएसटी) की झारखंड के संथाल परगना क्षेत्र में कथित बांग्लादेशी घुसपैठ और आदिवासियों पर इसके प्रभाव से संबंधित रिपोर्ट सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के तहत साझा नहीं की गई है, क्योंकि भारत के रजिस्ट्रार जनरल (आरजीआई) की टिप्पणियों का इंतजार किया जा रहा है।

आरटीआई आवेदन में एनसीएसटी द्वारा गृह मंत्रालय को प्रस्तुत ‘बांग्लादेशी घुसपैठ और झारखंड के संथाल परगना क्षेत्र में आदिवासियों की स्थिति’ पर रिपोर्ट की एक प्रति मांगी गई थी।

सुनवाई के दौरान, एनसीएसटी के केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी (सीपीआईओ) ने पीठ को बताया कि एनसीएसटी सदस्य डॉ. आशा लाकड़ा द्वारा संथाल परगना क्षेत्र में जनसांख्यिकीय परिवर्तनों पर तैयार की गई रिपोर्ट रजिस्ट्रार जनरल और भारत के जनगणना आयुक्त तथा गृह मंत्रालय को भेजी गई थी।

आयोग ने कहा कि ‘‘चूंकि आरजीआई की टिप्पणियां अभी प्राप्त नहीं हुई हैं, इसलिए इस समय रिपोर्ट आवेदनकर्ता के साथ साझा नहीं की जा सकती’’।

सभी प्रस्तुतियों की जांच करने के बाद सूचना आयुक्त अशुतोष चतुर्वेदी ने कहा, ‘‘आरटीआई अधिनियम, 2005 के प्रावधानों के अनुसार उचित उत्तर प्रतिवादी द्वारा प्रदान किया गया है।’’

उन्होंने यह भी कहा कि प्रतिवादी द्वारा दायर लिखित प्रस्तुतियां ‘व्यापक एवं स्वत: स्पष्ट हैं।’’

भाषा रंजन सुरेश

सुरेश


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