संघ के संगठन ने राज्यपाल से केरल के भूमि संबंधित विधेयक को मंजूरी नहीं देने का अनुरोध किया

संघ के संगठन ने राज्यपाल से केरल के भूमि संबंधित विधेयक को मंजूरी नहीं देने का अनुरोध किया

संघ के संगठन ने राज्यपाल से केरल के भूमि संबंधित विधेयक को मंजूरी नहीं देने का अनुरोध किया
Modified Date: September 30, 2023 / 06:14 pm IST
Published Date: September 30, 2023 6:14 pm IST

तिरुवनंतपुरम, 30 सितंबर (भाषा) संघ के एक प्रमुख संगठन ने राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान से केरल सरकार भूमि आकलन (संशोधन) विधेयक-2023 को मंजूरी नहीं देने का अनुरोध किया है।

संघ के एक संगठन भारतीय विचार केंद्रम (बीवीके) ने शनिवार को यहां जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में दावा किया गया कि इस विधेयक का उद्देश्य पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील मुन्नार क्षेत्र में हो रहे अनधिकृत निर्माण और भूमि विरूपण गतिविधियों को विनियमित करना है।

बीवीके की राज्य समिति द्वारा 27 सितंबर को पारित किये गये एक प्रस्ताव में कहा गया है, ‘‘केरल सरकार ने 14 सितंबर, 2023 को केरल विधानसभा में विधेयक पारित किया है, जो दी गई भूमि के पट्टे में निर्दिष्ट शर्तों का उल्लंघन करके सरकार को किए गए अनधिकृत निर्माण और भूमि विरूपण गतिविधियों को नियमित करने का अधिकार देता है। सरकार को यह अधिकार देने में मुन्नार क्षेत्र के पारिस्थितिकी महत्व, इसकी समुद्र तल से ऊंचाई, भूकंप, भूस्खलन की संभावना, वन और वन्य जीवन संरक्षण कानून आदि पर विचार नहीं किया गया।’’

संगठन ने कहा कि प्रस्तावित कानून मुन्नार क्षेत्र में भूमि संबंधी मुद्दों को निपटाने के लिए केरल उच्च न्यायालय के निर्देश को दरकिनार करके 50 वर्ष से अधिक समय में किए गए अनधिकृत निर्माणों को नियमित करने की मांग करता है।

बीवीके ने कहा कि विधानसभा में इस विधेयक के सर्वसम्मति से पारित होने से सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों की राजनीति से प्रेरित मंशा स्पष्ट हो गई है।

भाषा संतोष माधव

माधव


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