रूस ने यूक्रेन में शांति के लिए भारत की अपील का समर्थन किया; नयी दिल्ली के रुख से मॉस्को सहमत

Ads

रूस ने यूक्रेन में शांति के लिए भारत की अपील का समर्थन किया; नयी दिल्ली के रुख से मॉस्को सहमत

  •  
  • Publish Date - September 8, 2026 / 07:05 PM IST,
    Updated On - September 8, 2026 / 07:05 PM IST

नयी दिल्ली, आठ सितंबर (भाषा) रूस ने मंगलवार को कहा कि वह यूक्रेन संघर्ष खत्म करने के लिए भारत के किसी भी शांति प्रयास का स्वागत करेगा तथा बातचीत और कूटनीति के जरिए समाधान निकालने के लिए मॉस्को की रणनीति काफी हद तक नयी दिल्ली के रुख के समान है।

रूसी राष्ट्रपति आवास एवं कार्यालय ‘क्रेमलिन’ के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव की यह टिप्पणी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारत आने से कुछ दिन पहले आई है।

हाल के दिनों में, संघर्ष को सुलझाने का रास्ता तलाशने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फिर से कोशिशें की गई हैं, जिनमें ट्रंप प्रशासन के प्रयास भी शामिल हैं।

भारतीय पत्रकारों के साथ डिजिटल माध्यम से बातचीत के दौरान पेस्कोव ने कहा, ‘‘हम भारत के योगदान देने की इच्छा का स्वागत करते हैं। हम अमेरिकी राष्ट्रपति (डोनाल्ड) ट्रंप की कोशिशों का भी स्वागत करते हैं।’’

पिछले हफ्ते बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के दौरान पुतिन के साथ हुई बैठक में, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस संघर्ष को तुरंत खत्म करने की अपील की और रूसी नेता से इस ‘‘अंतहीन युद्ध की समाप्ति की ओर’’ बढ़ने का आग्रह किया।

इसके कुछ दिनों बाद, विदेश मंत्री एस. जयशंकर यूक्रेन की राजधानी कीव गए और कहा कि यूक्रेन में शांति लाने के लिए भारत जो भी योगदान दे सकता है, उसके लिए तैयार है।

पेस्कोव ने कहा, ‘‘हम यूक्रेन संघर्ष पर भारत का रुख जानते हैं और काफी हद तक यह हमारे रुख से मेल खाता है, क्योंकि हम भी चाहते हैं कि यूक्रेन संघर्ष का समाधान शांतिपूर्ण तरीके से हो और रूस इस प्रक्रिया के लिए तैयार है।’’

पेस्कोव ने कहा कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का शुक्रवार को यहां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक करने का कार्यक्रम है तथा संकेत दिया कि व्यापार, निवेश, ऊर्जा और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग प्रगाढ़ करने पर जोर दिया जाएगा।

प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच आपसी तालमेल का जिक्र करते हुए पेस्कोव ने कहा कि वे ‘‘बहुत व्यावहारिक’’ और ईमानदार हैं, जिससे वे सबसे संवेदनशील मुद्दों पर ‘‘बहुत खुलकर और रचनात्मक तरीके से’’ बातचीत कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि भारतीय कंपनियां रूसी बाजार में अपनी मौजूदगी बढ़ाने और रूसी अर्थव्यवस्था में निवेश करने में दिलचस्पी रखती हैं और ‘‘हम इसकी सराहना करते हैं।’’

पेस्कोव ने कहा कि रूसी कंपनियां भी भारतीय बाजार में अपनी मौजूदगी बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

प्रधानमंत्री मोदी के साथ रूसी राष्ट्रपति की होने वाली द्विपक्षीय बातचीत के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘यह राष्ट्रपति पुतिन के लिए एक और मौका होगा कि वह अपने भारतीय मित्र को यूक्रेन के साथ युद्ध में मोर्चे पर वर्तमान स्थिति के बारे में बता सकें।’’

एक सवाल के जवाब में, पेस्कोव ने रूस से कच्चा तेल आयात करने के लिए भारत और कुछ अन्य देशों पर 100 प्रतिशत तक भारी शुल्क लगाने के अमेरिकी प्रस्ताव को ‘‘गैर-कानूनी’’ बताया।

रूसी राष्ट्रपति के प्रवक्ता ने यह भी कहा कि रूस भारत के साथ नये परमाणु संयंत्र स्थापित करने पर वार्ता का इंतजार कर रहा है।

उन्होंने कहा कि भारत को सुखोई-57 विमान बेचना भी एजेंडे में शामिल है।

भारत पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान खरीदने की प्रक्रिया में है। डसॉल्ट एविएशन का राफेल, लॉकहीड मार्टिन का एफ-21, बोइंग का एफ/ए-18 और यूरोफाइटर टाइफून मुख्य दावेदारों में शामिल हैं।

पेस्कोव ने यह भी कहा कि रूस रूसी सेना में काम कर रहे भारतीयों की पहचान करने की प्रक्रिया में है, ताकि नयी दिल्ली के अनुरोध के अनुसार उन्हें स्वदेश वापस भेजा जा सके।

भाषा सुभाष नरेश

नरेश