S. Jaishankar on Terrorism/Image Credit: X Handle
S. Jaishankar on Terrorism: नई दिल्ली: भारत ने लगातार दूसरे दिन संयुक्त राष्ट्र महासभा में पाकिस्तान को आतंकवाद के मोर्चा पर मुहतोड़ जवाब दिया। भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने संबोधन के दौरान नाम लिए बिना पाकिस्तान पर जमकर निशाना साधा। जयशंकर ने साफ कहा कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की जीरो टॉलरेंस नीति जारी रहेगी।
एस जयशंकर का बयान ऐसे समय आया है जब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने संयुक्त राष्ट्र में अपने संबोधन के दौरान सिंधु नदी का जल रोके जाने को लेकर भारत को युद्ध की धमकी दी थी। कहा था कि सिंधु नदी का पानी रोकना पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध की कार्रवाई माना जाएगा। (S. Jaishankar on Terrorism) इसके बाद शहबाज ने कश्मीर का मुद्दा उठाया और इसे पाकिस्तान की गले की नस बताया था, लेकिन पाकिस्तान के दावों पर भारत ने UN में ही राइट ऑफ रिप्लाई के अधिकार का इस्तेमाल करते हुए जोरदार पलटवार किया था। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन की फर्स्ट सेक्रेटरी पेटल गहलोत ने कहा था कि पाकिस्तान कश्मीर की चिंता करने से पहले अपने कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर की स्थिति देखे। जहां लंबे समय से हिंसा, हत्याओं और बुनियादी अधिकारों से वंचित किए जाने के आरोप हैं। आतंकवाद के खिलाफ भारत के आत्मरक्षा के अधिकार का इस्तेमाल किया जाएगा आतंकवाद और दोस्ती-सद्भावना साथ-साथ नहीं चल सकते।
S. Jaishankar on Terrorism: वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी रविवार को अपनी मन की बात के साप्ताहिक कार्यक्रम में बालाकोट एयरस्ट्राइक से लेकर ऑपरेशन सिंदूर तक का जिक्र किया। पीएम मोदी ने कहा कि 28-29 सितंबर 2016 को हुई सर्जिकल स्ट्राइक के 10 साल पूरे होने वाले हैं। भारतीय सेना ने LoC पार कर पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की थी भारतीय जवानों की इस कार्रवाई को देखकर दुनिया हैरान रह गई थी। पिछले एक दशक में भारत ने बार-बार साफ संदेश दिया है कि आतंकवाद का मजबूत और निर्णायक जवाब दिया जाएगा।
भारत 80 के दशक से आतंकवाद से जूझ रहा है। कश्मीर इसका सबसे बड़ा शिकार रहा है, लेकिन बीते एक दशक से जिस तरह से मोदी सरकार ने सीमा पार आतंकवाद को लेकर सर्जिकल स्ट्राइक की नीति अपनाई है। (S. Jaishankar on Terrorism) पाकिस्तान के हुक्मरान और उसके आतंक के आकाओं के होश उड़े हुए हैं। पाकिस्तान आज अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर गीदड़ भभकी से ज्यादा कुछ करने की स्थिति में नहीं रह गया है।
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