हैदराबाद, 27 सितंबर (भाषा) ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल-मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने एसआईआर को लेकर मतदाताओं की चिंताओं को दूर करने के लिए निर्वाचन आयोग की ओर से की गईं ताजा घोषणा पर रविवार को सवाल उठाए।
मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान सामने आई समस्याओं को लेकर आलोचनाओं का सामना कर रहे निर्वाचन आयोग ने शनिवार को कई उपायों की घोषणा की, जिनमें दावे दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय देना, निर्वाचन अधिकारियों द्वारा घर-घर जाकर जांच करना और नोटिस पाने लोगों के लिए सहायता केंद्र बनाना शामिल है।
आयोग में कथित अंदरूनी मतभेद को लेकर जारी विवाद पर ओवैसी ने कहा कि शनिवार को आयोग की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति से यह संदेश मिला है कि सब कुछ ठीक था।
उन्होंने कहा कि लेकिन मीडिया में आईं खबरों के अनुसार, दो निर्वाचन आयुक्तों ने कहा कि उनसे सलाह नहीं ली गई और न ही उनकी सहमति ली गई, जिसके कारण उन्होंने कई बार अपनी आपत्तियां जताईं।
ओवैसी ने दावा किया कि शनिवार की निर्वाचन आयोग की प्रेस विज्ञप्ति पढ़ने के बाद एक सवाल उठता है।
उन्होंने पूछा, “उदाहरण के लिए, अगर पिता और बेटे दोनों को फॉर्म 6 (व्यक्तिगत जानकारी वाला फॉर्म) भरना हो, तो परिवार से जुड़ी जानकारी देने के दौरान पिता को अपना विवरण किस तरह भरना चाहिए?”
आयोग ने कहा है कि बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) ऐसे लोगों के घर जाकर दस्तावेज जुटाएंगे और उन्हें अपने एकीकृत पोर्टल ईसीआईनेट पर अपलोड करेंगे, जिनका कोई मिलान नहीं हो पाया है या जिनके विवरण में तार्किक विसंगतियां हैं।
इस बारे में ओवैसी ने कहा कि घर-घर जाकर जांच करने की बात कहना जितना आसान है, इसे करना उतना ही मुश्किल है। उन्होंने कहा, “बीएलओ के लिए नोटिस जारी करना बहुत मुश्किल काम है।”
भाषा जोहेब अमित
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