शबरिमला से सोना चोरी का मामला: पूर्व टीडीबी अध्यक्ष प्रशांत को चिकित्सा आधार पर जमानत मिली

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शबरिमला से सोना चोरी का मामला: पूर्व टीडीबी अध्यक्ष प्रशांत को चिकित्सा आधार पर जमानत मिली

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  • Publish Date - September 3, 2026 / 03:45 PM IST,
    Updated On - September 3, 2026 / 03:45 PM IST

कोल्लम (केरलम), तीन सितंबर (भाषा) शबरिमला भगवान अयप्पा मंदिर से कथित रूप से सोना चोरी के मामले में गिरफ्तार त्रावणकोर देवस्वओम बोर्ड (टीडीबी) के पूर्व अध्यक्ष पी. एस. प्रशांत को एक सतर्कता अदालत ने बृहस्पतिवार को चिकित्सा आधार पर जमानत दे दी।

कोल्लम सतर्कता अदालत के न्यायाधीश मोहित सी. एस. ने पूर्व टीडीबी अध्यक्ष को उनकी चिकित्सकीय स्थिति पर विचार करने के बाद जमानत प्रदान की।

प्रशांत को पिछले महीने मस्तिष्क में रक्तस्राव के बाद जेल से तिरुवनंतपुरम के एक अस्पताल में स्थानांतरित किया गया था। इससे पहले अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी।

नयी याचिका दायर करने के बाद, प्रशांत के वकील ने अदालत को बताया कि उन्हें बेहतर उपचार की आवश्यकता है और उन्होंने जमानत दिए जाने का अनुरोध किया। अदालत ने प्रशांत के चिकित्सा दस्तावेजों पर गौर करने के बाद उन्हें जमानत प्रदान कर दी।

प्रशांत शबरिमला मंदिर में द्वारपालक (रक्षक देवता) की मूर्तियों से कथित रूप से सोना गायब होने से जुड़े मामले में 17वें आरोपी हैं।

प्रशांत ने 2023 से 2025 तक टीडीबी के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया था। उन्हें विशेष जांच दल (एसआईटी) ने 23 जुलाई को गिरफ्तार किया था।

वह पहले कांग्रेस में थे और बाद में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) से जुड़े।

एसआईटी की ओर से दाखिल रिमांड रिपोर्ट के अनुसार, प्रशांत, टीडीबी के सदस्यों अजीकुमार और जी. सुंदरसन ने 2024 में शबरिमला में द्वारपालक मूर्तियों के रखरखाव कार्य को कराने के लिए बोर्ड के फैसले को मंजूरी दी थी।

भाषा आशीष पवनेश

पवनेश