मकरविलक्कु के लिए तैयार शबरीमला, ‘तिरुवाभरणम’ शाम तक पहुंच जाएगा

मकरविलक्कु के लिए तैयार शबरीमला, ‘तिरुवाभरणम’ शाम तक पहुंच जाएगा

मकरविलक्कु के लिए तैयार शबरीमला, ‘तिरुवाभरणम’ शाम तक पहुंच जाएगा
Modified Date: January 14, 2026 / 01:04 pm IST
Published Date: January 14, 2026 1:04 pm IST

पथनमथिट्टा (केरल), 14 जनवरी (भाषा) केरल में भगवान अयप्पा मंदिर में शुभ मकरविलक्कु उत्सव के लिए तैयारियां पूरे जोर-शोर से जारी रहने के बीच बुधवार को हजारों श्रद्धालु शबरिमला सन्निधानम एवं उसके आसपास के इलाकों में उमड़ने लगे।

मंदिर सूत्रों के अनुसार, भगवान अयप्पा के पवित्र आभूषणों को ले जाने वाली ‘‘तिरुवाभरणम शोभायात्रा’’ कड़ी सुरक्षा के बीच शाम साढ़े पांच बजे तक पारंपरिक मार्ग पर पहुंच जाएगी और लगभग छह बजकर 20 मिनट पर इसके मंदिर परिसर में पहुंचने की उम्मीद है।

भगवान अय्यप्पा की मूर्ति को पवित्र आभूषणों से सजाया जाएगा और उसके बाद गर्भगृह में दीपाराधना (आरती) की जाएगी।

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श्रद्धालुओं को ‘मकर ज्योति’ के दर्शन होने की उम्मीद है जिसे वे मंदिर परिसर से आठ किलोमीटर दूर स्थित एक पहाड़ी पर पोन्नमबलामेडु के ऊपर पूर्वी क्षितिज के पार एक दिव्य प्रकाश मानते हैं।

त्रावणकोर देवस्व ओम बोर्ड (टीडीबी) के अध्यक्ष के. जयकुमार ने कहा कि मकर ज्योति के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहले ही विभिन्न दर्शनीय स्थलों पर एकत्रित हो चुके हैं और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक व्यवस्था की गई है।

टीडीबी अध्यक्ष ने कहा कि मंदिर को भव्य रूप से सजाया गया है और ‘‘तिरुवाभरणम’ के स्वागत के लिए दोपहर तक सन्निधानम की पूरी तरह से सफाई कर दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि विभिन्न सरकारी विभागों, विशेषकर पुलिस के समन्वित प्रयासों से बोर्ड को तीर्थयात्रा के सुचारू रूप से संपन्न होने में मदद मिली है।

श्रद्धालु 41 या 48 दिनों की अवधि वाली ‘‘मंडलम’’ तीर्थयात्रा के दौरान आध्यात्मिक साधना के अंतर्गत तपस्या और धार्मिक अनुष्ठान करते हैं। इसके बाद ‘मकरविलक्कु’ उत्सव मनाया जाता है जो तीर्थयात्रा के समापन का प्रतीक है।

भाषा सुरभि मनीषा

मनीषा


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