‘सरके चुनर तेरी’ विवाद: एनसीडब्ल्यू ने नोरा फतेही को पेश होने का अंतिम मौका दिया

‘सरके चुनर तेरी’ विवाद: एनसीडब्ल्यू ने नोरा फतेही को पेश होने का अंतिम मौका दिया

‘सरके चुनर तेरी’ विवाद: एनसीडब्ल्यू ने नोरा फतेही को पेश होने का अंतिम मौका दिया
Modified Date: April 6, 2026 / 11:04 pm IST
Published Date: April 6, 2026 11:04 pm IST

नयी दिल्ली, छह अप्रैल (भाषा) राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने अभिनेत्री नोरा फतेही को ‘सरके चुनर तेरी’ गाने के संबंध में उसके समक्ष व्यक्तिगत रूप से पेश होने का सोमवार को अंतिम अवसर देते हुए अगली सुनवाई के लिए 27 अप्रैल की तारीख तय की।

आयोग ने गीत के कथित आपत्तिजनक बोल के मामले का स्वत: संज्ञान लेकर मामले में सोमवार को सुनवाई की। सुनवाई के दौरान फतेही की ओर से उनके वकील आयोग के समक्ष पेश हुए।

हालांकि, आयोग ने उनके वकील के माध्यम से किए गए अभ्यावेदन को स्वीकार नहीं किया और अभिनेत्री को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया।

आयोग ने कहा, ‘‘नोरा फतेही को 27 अप्रैल, 2026 को आयोग के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का अंतिम अवसर दिया जाता है।’’

सुनवाई की अध्यक्षता आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने की।

कार्यवाही के दौरान गीतकार रकीब आलम, निर्देशक प्रेम और केवीएन प्रोडक्शंस के प्रतिनिधि गौतम के. एम. एवं सुप्रीत आयोग के समक्ष पेश हुए।

रहाटकर ने गीत के बोल पर चिंता जताते हुए कहा कि वे महिलाओं की गरिमा के खिलाफ हैं। उन्होंने तलब किए गए लोगों की इस दलील को भी खारिज कर दिया कि उन्हें गीत के बोल के अर्थ की जानकारी नहीं थी।

उन्होंने कहा, ‘‘रचनात्मकता के नाम पर महिलाओं की गरिमा से समझौता नहीं किया जा सकता।’’

आयोग ने कहा कि पेश हुए लोगों ने लिखित माफी मांगते हुए स्वीकार किया कि इस गीत का समाज पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है।

उन्होंने आयोग से कहा कि वे अगले तीन महीने महिला सशक्तीकरण के लिए काम करेंगे और इसकी रिपोर्ट आयोग को सौंपेंगे।

आयोग ने अभिनेता संजय दत्त को भी आठ अप्रैल को उसके समक्ष पेश होने का निर्देश दिया है।

आगामी कन्नड़ फिल्म ‘‘केडी: द डेविल’’ का हिस्सा रहे ‘सरके चुनर तेरी’ गाने ने यू-ट्यूब पर जारी होने के बाद उसके आपत्तिजनक बोल को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। इसके बाद इसे सोशल मीडिया मंच से हटा लिया गया।

ध्रुव सरजा अभिनीत ‘केडी: द डेविल’ 30 अप्रैल को रिलीज होगी।

भाषा

सिम्मी प्रशांत

प्रशांत


लेखक के बारे में