व्यंग्य, हास्य और मीम्स : कॉजपा आंदोलन पर ‘जनरेशन-जेड’ का अनोखा विरोध

व्यंग्य, हास्य और मीम्स : कॉजपा आंदोलन पर ‘जनरेशन-जेड’ का अनोखा विरोध

व्यंग्य, हास्य और मीम्स : कॉजपा आंदोलन पर ‘जनरेशन-जेड’ का अनोखा विरोध
Modified Date: July 23, 2026 / 02:51 pm IST
Published Date: July 23, 2026 2:51 pm IST

(अमरमणि पाल)

नयी दिल्ली, 23 जुलाई (भाषा) केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के नेतृत्व में शुरू हुआ आंदोलन अब सड़कों के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी जोर पकड़ रहा है।

जंतर-मंतर से लेकर इंस्टाग्राम और एक्स तक, ‘जनरेशन-जेड’ के प्रदर्शनकारी मीम, गाने, रील और तीखे व्यंग्य के सहारे अपने विरोध को ऐसे अंदाज में पेश कर रहे हैं, जिसने आंदोलन को एक नयी अभिव्यक्ति दे दी है।

दिल्ली के जंतर-मंतर पर शुरू हुआ यह प्रदर्शन उस समय और तेज हो गया, जब 20 जुलाई को संसद की ओर मार्च कर रहे हजारों छात्रों और प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया तथा आंसू गैस के गोले छोड़े। इसके बाद मुंबई, इंदौर, उदयपुर और हैदराबाद समेत कई शहरों में भी विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए।

इसके साथ ही इंस्टाग्राम और ‘एक्स’ जैसे सोशल मीडिया मंच भी आंदोलन का विस्तार बन गए, जहां राजनीतिक संदेशों को इंटरनेट के ‘वायरल ट्रेंड’ के साथ जोड़ा जाने लगा।

‘जनरेशन-जेड’ के प्रदर्शनकारियों ने अपनी खास व्यंग्यात्मक शैली में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग, बेरोजगारी, पुलिस कार्रवाई और पर्यावरण जैसे मुद्दों को मीम और वीडियो के जरिए उठाया।

एक इंस्टाग्राम उपयोगकर्ता ने प्रधान के इस्तीफे में हो रही देरी पर तंज कसते हुए लिखा, ‘‘देश में रोजगार के अवसर कम हैं, इसलिए धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं दे रहे।’’

एक अन्य पोस्ट में कॉरपोरेट संस्कृति का हवाला देते हुए कहा गया कि शायद मंत्री अपने महीने का वेतन मिलने का इंतजार कर रहे हैं ताकि इस्तीफा देने के बाद ‘फुल एंड फाइनल सेटलमेंट’ के दौरान आर्थिक परेशानी न हो।

‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लिखा गया, ‘‘हो सकता है धर्मेंद्र प्रधान के पास दूसरा ‘ऑफर’ (नौकरी का प्रस्ताव) न हो, इसलिए इस्तीफा नहीं दे रहे।’’

संसद की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को जब दिल्ली पुलिस और अन्य अर्द्धसैनिक बलों ने रोका तथा लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया, तो उसी दिन की घटनाओं पर आधारित कई छोटे वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए।

भागते हुए प्रदर्शनकारियों पर ‘चक दे इंडिया’, ‘भाग मिल्खा भाग’ और ‘गंगनम स्टाइल’ जैसे गीतों की धुन पर वीडियो पोस्ट किए गए।

लोकप्रिय मोबाइल गेम ‘सबवे सर्फर’ का संगीत भी इन वीडियो में खूब सुनाई दिया। इस खेल में खिलाड़ी एक पुलिसकर्मी से बचते हुए भागता है। प्रदर्शनकारियों ने इसी धुन के साथ भागते हुए अपने वीडियो साझा किए और उनमें लिखा, ‘‘कार्डियो कराने के लिए धन्यवाद, दिल्ली पुलिस।’’

एक अन्य वीडियो में ‘चक दे इंडिया’ की धुन पर लिखा गया, ‘‘संसद की ‘डोरबेल’ बजाकर भाग गया।’’

20 जुलाई की घटनाओं पर तब सबसे प्रभावशाली प्रतिक्रिया देखने को मिली, जब ‘गरम कलाकार’ नाम से जाने जाने वाले एक यूट्यूबर और रैपर ने उन घटनाओं को समेटता एक छोटा वीडियो साझा किया।

इसमें यूट्यूबर यह गाते नजर आते हैं, ‘‘कल जंतर-मंतर पर क्या देखा? छात्रों में भरा था जुनून देखा, दिल्ली पुलिस पर सवार मैंने खून देखा। ‘सिविल ड्रेस’ में गुंडों की धुन देखा, और वर्दी वालों की ‘नेमप्लेट’ गुम देखा। छोटे बच्चों पर उठा हुआ हाथ देखा, बड़े-बूढ़ों को मारा तुमने लात देखा।’’

प्रदर्शन में शामिल होने से पहले कई युवाओं ने ‘जीआरडब्ल्यूएम’ (गेट रेडी विद मी) और ‘ओओटीडी’ (आउटफिट ऑफ द डे) जैसे लोकप्रिय सोशल मीडिया प्रारूप में रील साझा की। उन्होंने अपने कपड़ों और प्रदर्शन में शामिल होने की तैयारी को वीडियो के जरिए साझा किया।

नीले रंग का कुर्ता पहने एक सोशल मीडिया उपयोगकर्ता ने व्यंग्य करते हुए लिखा, ‘‘सरकार के पतन का गवाह बनने के लिए मेरे साथ तैयार हो जाइए। मैंने पहन रखी है हिम्मत, कुछ झुमके और अपना संवैधानिक अधिकार… ओह, रहने दीजिए।’’

एक अन्य युवती ने गर्व से अपना ‘आईलाइनर’ दिखाते हुए कहा कि पूरे प्रदर्शन के दौरान भी उसका मेकअप नहीं बिगड़ा, क्योंकि ‘‘मेरा ‘फाउंडेशन’ मजबूत है, सरकार की तरह नहीं।’’

प्रदर्शन के दौरान इस्तेमाल हुई आंसू गैस को लेकर पर्यावरण संबंधी व्यंग्य भी सोशल मीडिया पर खूब देखने को मिला।

‘एक्स’ पर एक उपयोगकर्ता ने लिखा, ‘‘दिल्ली पुलिस, कृपया आंसू गैस का इस्तेमाल मत कीजिए। इससे शहर प्रदूषित होता है। फिर हमें पर्यावरण मंत्री के इस्तीफे की भी मांग करनी पड़ेगी।’’

एक अन्य पोस्ट में तंज कसते हुए कहा गया, ‘‘ई-20 मिश्रित पेट्रोल के विपरीत, प्रदर्शन के दौरान इस्तेमाल की गई आंसू गैस 100 प्रतिशत शुद्ध और बिना किसी मिलावट की थी।’’

पुलिस की कथित ज्यादतियों के आरोपों के बीच एक प्रदर्शनकारी ने व्यंग्यात्मक अंदाज में लिखा, ‘‘मैं यहां पूरी तरह सुरक्षित हूं। मेरे चारों ओर बहुत सारे पुलिसकर्मी हैं। अब मुझे कोई नहीं मार सकता।’’

प्रदर्शन के दौरान साझा किए गए एक वीडियो में एक यूट्यूबर ने एक प्रदर्शनकारी से पूछा कि आखिर धर्मेंद्र प्रधान ने अब तक इस्तीफा क्यों नहीं दिया। इस पर प्रदर्शनकारी ने बिना मुस्कुराए जवाब दिया कि यह केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार का ‘‘मास्टरस्ट्रोक’’ है और इसके सकारात्मक नतीजे ‘‘धुरंधर 3’’ में देखने को मिलेंगे।

सोशल मीडिया और प्रदर्शन स्थल, दोनों जगह आदित्य धर की फिल्म ‘धुरंधर’ का जिक्र उसके कथित ‘प्रोपेगेंडा’ वाली कहानी को लेकर किया गया।

‘एक्स’ पर एक उपयोगकर्ता ने लिखा, ‘‘दिलचस्प बात यह है कि प्रदर्शन स्थल पर ‘रंग दे बसंती’ और ‘स्वदेस’ के गाने बज रहे हैं, ‘धुरंधर’ के नहीं।’’

प्रदर्शन सिर्फ रंग-बिरंगे नारों और रचनात्मक तख्तियों तक ही सीमित नहीं रहा। देश के विभिन्न शहरों में प्रदर्शन स्थलों पर ‘बैटमैन’, ‘स्पाइडर-मैन’, ‘सुपरमैन’ और ‘आयरन मैन’ जैसे सुपरहीरो का रूप धारण किए हुए प्रदर्शनकारी भी दिखाई दिए।

कई प्रदर्शनकारियों ने अपने अधूरे प्रेम को भी आंदोलन से जोड़ दिया। एक युवक ने लाल आंखों वाला अपना वीडियो साझा करते हुए लिखा, ‘‘आज आंसू गैस के ‘फॉग’ (धुएं) में उनको याद करके रो दिया।’’

एक अन्य प्रदर्शनकारी ने जमीन पर लेटे हुए अपनी तस्वीर साझा करते हुए लिखा, ‘‘इतना ‘इग्नोर’ (नजरअंदाज) तो उसने भी नहीं किया था।’’

‘‘आपदा में अवसर’’ वाली कहावत को हल्के-फुल्के अंदाज में दोहराते हुए एक प्रदर्शनकारी ने सुझाव दिया कि सभी अविवाहित युवक-युवतियों को इस मार्च में जरूर आना चाहिए, क्योंकि ‘‘जीवनसाथी तलाशने के लिए इससे बेहतर जगह नहीं मिल सकती।’’

भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत द्वारा बेरोजगार युवाओं के संदर्भ में ‘कॉकरोच’ शब्द का इस्तेमाल किए जाने के बाद सोशल मीडिया के जरिए कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) की शुरुआत हुई थी। इसके बाद गठित इस समूह ने नीट प्रश्नपत्र लीक और अन्य परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के साथ 20 जून से जंतर-मंतर पर आंदोलन शुरू किया था। तब से यह आंदोलन देश के विभिन्न हिस्सों में फैल चुका है और इसमें हजारों छात्र शामिल हो चुके हैं।

भाषा गोला सिम्मी

सिम्मी


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