नयी दिल्ली, आठ सितंबर (भाषा) मणिपुर के गिटार वादक और संगीतकार सी. विक्रम सिंह के घर के बाहर रविवार को आधी रात के बाद अचानक शोर सुनकर एक पड़ोसी महिला घबराते हुए बाहर निकली तो कुछ लोगों को किसी शख्स का पीछा करते देखा। लेकिन डर के मारे वह तुरंत घर के भीतर लौट गई। अगली सुबह उसे पता चला कि जिस शख्स का पीछा किया जा रहा था, वह विक्रम सिंह ही थे जिनकी पीट-पीटकर हत्या कर दी गई।
मूलरूप से मणिपुर निवासी एवं उसी इमारत की दूसरी मंजिल पर रह रहीं पड़ोसी महिला ने मंगलवार को उस खौफनाक रात के मंजर को याद किया। वह जिस इमारत में रहती हैं, उसी की तीसरी मंजिल पर संगीतकार सी. विक्रम सिंह रहते थे।
पुलिस के मुताबिक, 54 वर्षीय संगीतकार और गिटार वादक सिंह ने दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के किलोकरी गांव में अपने फ्लैट के बाहर सामान पहुंचाने का काम करने वाले और ढाबा कर्मियों के शोर मचाने तथा शराब पीने पर आपत्ति जताई थी। इन्हीं लोगों ने कथित तौर पर उनके साथ मारपीट की।
पड़ोसी महिला ने बताया, “मैंने कुछ लोगों को एक व्यक्ति के पीछे भागते देखा। अंधेरा होने के कारण मुझे पता नहीं चला कि वह कौन था। वे उससे गाली-गलौज कर रहे थे। काफी रात हो चुकी थी, डर के मारे मैंने दरवाजा बंद कर लिया।”
उन्होंने सिंह को बेहद सरल और शांत स्वभाव का व्यक्ति बताया, जो करीब आठ-नौ साल से इस इलाके में रह रहे थे।
पहचान उजागर नहीं करने की शर्त पर महिला ने कहा, “वह बहुत ही विनम्र थे। मैंने उन्हें कभी ऊंची आवाज में बोलते तक नहीं सुना। उस रात वे लोग इतना शोर मचा रहे थे कि मुझे डर लगने लगा।”
पड़ोसी ने आरोप लगाया कि वे लोग पहले सिंह के घर गए और वहां उनसे मारपीट की। इसके बाद वे उन्हें घर से बाहर तक खदेड़ते हुए ले गए और वहां भी उन्हें पीटते रहे।
महिला को अगले दिन सुबह पता चला कि जिसके साथ मारपीट की गई वह सिंह थे।
पुलिस के अनुसार, हमले में सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके बेटे याईफाबा उन्हें होली फैमिली अस्पताल ले गए, जहां बाद में उन्होंने दम तोड़ दिया।
पुलिस ने इस मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया गया है। आरोपियों की पहचान भारत कुमार (19), प्रमोद (26), रमजान खान (22), दीपांशु (21), मोहन विश्वकर्मा (32), विजय (36) और मन्नू (26) के रूप में हुई है।
पुलिस ने बताया कि सभी आरोपी अलग-अलग ढाबों पर काम करते हैं।
उसने बताया कि घटना को लेकर सनलाइट कॉलोनी थाने को पुलिस नियंत्रण कक्ष (पीसीआर) से सूचना मिली थी। प्रारंभिक जांच में पता चला कि सिंह ने उनके घर के बाहर कुछ लोगों द्वारा हंगामा किए जाने पर आपत्ति जताई थी।
पुलिस ने बताया कि नस्ली भेदभाव के पहलू से भी इस घटना की जांच की जा रही है।
इस घटना से दिल्ली में रह रहे पूर्वोत्तर के लोगों में भी चिंता बढ़ गई है। उनका कहना है कि उन्हें अब भी नस्ली टिप्पणियों और भेदभाव का सामना करना पड़ता है।
सिंह की पड़ोसी महिला ने कहा, “हमें यहां हमेशा नस्ली भेदभाव का सामना करना पड़ता है। कई लोग हमें ‘चीनी’ या ‘मोमो’ कहते हैं। हम भारतीय हैं और हमें इस पर गर्व है। दूसरे लोग हमें भारतीय क्यों नहीं समझते?”
उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर के लोग बेहतर अवसरों की तलाश में दिल्ली आते हैं और उनके साथ भेदभाव या दुर्व्यवहार नहीं किया जाना चाहिए।
एक अन्य पड़ोसी ने कहा कि इलाके के लोग इस बात से बेहद आहत हैं कि सिर्फ शोर मचाने और शराब पीने का विरोध करने पर हत्या कर दी गई।
सिंह की मौत के विरोध में स्थानीय लोगों और समुदाय के सदस्यों ने कैंडल मार्च भी निकाला। उन्होंने घटना के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
भाषा
खारी नरेश
नरेश