न्यायालय ने गुरु गोविंद सिंह की जयंती को राष्ट्रीय अवकाश घोषित करने संबंधी याचिका खारिज की

न्यायालय ने गुरु गोविंद सिंह की जयंती को राष्ट्रीय अवकाश घोषित करने संबंधी याचिका खारिज की

न्यायालय ने गुरु गोविंद सिंह की जयंती को राष्ट्रीय अवकाश घोषित करने संबंधी याचिका खारिज की
Modified Date: March 17, 2026 / 10:15 pm IST
Published Date: March 17, 2026 10:15 pm IST

नयी दिल्ली, 17 मार्च (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने सिखों के दसवें गुरु गोविंद सिंह की जयंती को राष्ट्रीय अवकाश घोषित करने संबंधी याचिका मंगलवार को खारिज कर दी। यह जयंती प्रकाश पर्व के रूप में मनाई जाती है।

न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की एक पीठ ने कहा कि वह अखिल भारतीय शिरोमणि सिंह सभा की याचिका पर विचार करने की इच्छुक नहीं है।

याचिकाकर्ता ने देश में ‘‘सार्वजनिक या राजपत्रित अवकाश घोषित करने के लिए विशेष दिशानिर्देश जारी करने’’ का भी अनुरोध किया था।

पीठ ने कहा, ‘‘खारिज। विस्तृत आदेश बाद में आएगा।’’

याचिकाकर्ता संगठन की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह ने कहा कि वर्तमान में कोई नीति नहीं है और यह सुनिश्चित होना चाहिए कि सार्वजनिक अवकाश कैसे तय किया जाएगा।

न्यायमूर्ति मेहता ने सुनवाई के दौरान टिप्पणी की कि भारत में पहले ही कई धार्मिक अवकाश हैं। उन्होंने कहा, ‘‘छुट्टियों की संख्या और बढ़ाने की जरूरत नहीं है।’’

याचिका में केंद्र को यह निर्देश देने का अनुरोध किया गया था कि वह ‘‘दसवें सिख गुरु ‘गुरु गोविंद सिंह जी’ के प्रकाश पर्व को राजपत्रित/सार्वजनिक अवकाश घोषित करे, जो पूरे भारत में मनाया जाए।

याचिका में कहा गया, ‘‘भारत में राजपत्रित अवकाश घोषित करने के संबंध में किसी भी प्राधिकारी के कोई मार्गदर्शन सिद्धांत न होने के कारण, सरकार में बैठे राजनीतिक समूहों के कहने पर अधिकारी अपनी इच्छा और पसंद के अनुसार अवकाश घोषित करते हैं, जो जनता के एक विशेष वर्ग को संतुष्ट करने के राजनीतिक उद्देश्य के लिए होता है।”

भाषा सुरेश खारी

खारी


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