न्यायालय ने अशोका विवि के प्रोफेसर के खिलाफ आरोप पत्र पर संज्ञान लेने पर लगी रोक बढ़ाई

न्यायालय ने अशोका विवि के प्रोफेसर के खिलाफ आरोप पत्र पर संज्ञान लेने पर लगी रोक बढ़ाई

न्यायालय ने अशोका विवि के प्रोफेसर के खिलाफ आरोप पत्र पर संज्ञान लेने पर लगी रोक बढ़ाई
Modified Date: January 6, 2026 / 02:15 pm IST
Published Date: January 6, 2026 2:15 pm IST

नयी दिल्ली, छह जनवरी (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने अशोका विश्वविद्यालय के प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद के खिलाफ हरियाणा एसआईटी के आरोप पत्र पर संज्ञान लेने पर लगी रोक मंगलवार को बढ़ा दी।

ऑपरेशन सिंदूर को लेकर सोशल मीडिया पोस्ट के कारण महमूदाबाद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने यह आदेश उस समय दिया जब अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) एसवी राजू ने अदालत को बताया कि आरोप पत्र अगस्त 2025 में दायर किया गया था, लेकिन अब तक हरियाणा सरकार की ओर से कोई स्वीकृति नहीं दी गई है।

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एएसजी ने हरियाणा सरकार से यह पूछने के लिए और समय मांगा कि क्या वह उदारता दिखाते हुए अपनी मंजूरी नहीं देगी और मामले को खत्म कर देगी।

शीर्ष अदालत ने राजू को निर्देश लेने की अनुमति दी और मामले की सुनवाई छह सप्ताह तक के लिए स्थगित कर दी।

हरियाणा पुलिस ने महमूदाबाद के खिलाफ दो प्राथमिकियां दर्ज होने के बाद पिछले साल 18 मई को उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। 21 मई को उच्चतम न्यायालय ने उन्हें जमानत दे दी थी, लेकिन जांच पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था।

आरोप है कि उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर पर टिप्पणी करके देश की संप्रभुता और अखंडता को खतरे में डाला।

भाषा जोहेब मनीषा

मनीषा


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