न्यायालय ने आतंकवाद के वित्त पोषण मामले में शब्बीर अहमद शाह को जमानत दी

न्यायालय ने आतंकवाद के वित्त पोषण मामले में शब्बीर अहमद शाह को जमानत दी

न्यायालय ने आतंकवाद के वित्त पोषण मामले में शब्बीर अहमद शाह को जमानत दी
Modified Date: March 12, 2026 / 12:26 pm IST
Published Date: March 12, 2026 12:26 pm IST

नयी दिल्ली, 12 मार्च (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने कश्मीरी अलगाववादी नेता शब्बीर अहमद शाह को आतंकवाद के वित्तपोषण के मामले में बृहस्पतिवार को जमानत दे दी।

शाह को राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने इस मामले में चार जून, 2019 को गिरफ्तार किया था।

न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने कहा कि जमानत के संबंध में शाह पर कुछ कड़ी शर्तें लगाई जाएंगी और विस्तृत आदेश बाद में जारी किया जाएगा।

पीठ ने शाह की पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता कॉलिन गोंसाल्वेस की दलीलें सुनने के बाद यह आदेश पारित किया। एनआईए की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा पेश हुए।

शब्बीर ने जमानत देने से इनकार किये जाने संबंधी दिल्ली उच्च न्यायालय के पिछले साल 12 जून के आदेश को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी थी।

शीर्ष अदालत ने पिछले साल चार सितंबर को शब्बीर को अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया था और उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने वाली उसकी याचिका पर एनआईए को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।

उच्च न्यायालय ने अलगाववादी नेता को जमानत देने से इनकार करते हुए कहा था कि उसके द्वारा इसी तरह की गैरकानूनी गतिविधियों को अंजाम दिए जाने और गवाहों को प्रभावित किए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

एनआईए ने पथराव करने, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश रचने के आरोप में 12 लोगों के खिलाफ 2017 में मामला दर्ज किया था।

शब्बीर पर जम्मू कश्मीर में अलगाववाद को बढ़ावा देने में ‘‘महत्वपूर्ण भूमिका’’ निभाने का आरोप है।

भाषा सिम्मी शोभना

शोभना


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