एससी/एसटी कानून में संशोधन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका, केंद्र को 6 हफ्ते में देना होगा जवाब
एससी/एसटी कानून में संशोधन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका, केंद्र को 6 हफ्ते में देना होगा जवाब
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने शीर्ष अदालत के मार्च के फैसले को बेअसर बनाने और एससी/एसटी (अत्याचारों की रोकथाम) कानून की पहले की स्थिति बहाल करने के लिए इसमें किए गए संशोधन को चुनौती देने वाली याचिका पर शुक्रवार को केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है।
बता दें कि एससी/एसटी कानून में संसद के मानसून सत्र में संशोधन कर इसकी पहले की स्थिति बहाल की गई है। न्यायमूर्ति एके सीकरी और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की पीठ ने इस कानून में किए गए संशोधन को निरस्त करने के लिए दायर याचिकाओं पर केंद्र को 6 हफ्ते में जवाब देने कहा है।
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मामले में याचिकाकर्ता पृथ्वी राज चौहान हैं। ब्रीफिंग काउंसिल निशांत गौतम ने बताया कि मौजूदा संशोधित कानून संविधान की मूल संरचना के खिलाफ है। साथ ही यह अनुच्छेद 14 और 21 का सीधे तौर पर उल्लंघन कर रहा है। याचिकाओं में कहा गया है कि संसद के दोनों सदनों ने ‘मनमाने तरीके’ से कानून में संशोधन करने और इसके पहले के प्रावधानों को बहाल करने का ऐसे निर्णय किया ताकि निर्दोष व्यक्ति अग्रिम जमानत के अधिकार का इस्तेमाल न कर सके।
शीर्ष अदालत ने इस कानून का सरकारी कर्मचारियों के प्रति दुरूपयोग होने की घटनाओं का उल्लेख करते हुये 20 मार्च को दिए गए अपने फैसले में कहा था कि इस कानून के तहत दायर शिकायत पर तत्काल गिरफ्तारी नहीं होगी। अदालत ने इस संबंध में अनेक निर्देश दिये थे।
वेब डेस्क, IBC24

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