न्यायालय आधार के ‘दुरुपयोग’ से जुड़े मामले पर मंगलवार को करेगा सुनवाई

न्यायालय आधार के ‘दुरुपयोग’ से जुड़े मामले पर मंगलवार को करेगा सुनवाई

न्यायालय आधार के ‘दुरुपयोग’ से जुड़े मामले पर मंगलवार को करेगा सुनवाई
Modified Date: June 15, 2026 / 06:30 pm IST
Published Date: June 15, 2026 6:30 pm IST

नयी दिल्ली, 15 जून (भाषा) उच्चतम न्यायालय मंगलवार को भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण द्वारा जारी आधार कार्ड कथित ‘दुरुपयोग’ को लेकर दाखिल याचिका पर सुनवाई करेगा।

प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ अधिवक्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई कर सकती है।

याचिका में अनुरोध किया गया कि केंद्र, राज्यों और निर्वाचन आयोग को निर्देश दिया जाए कि आधार का इस्तेमाल केवल पहचान तक सीमित रखें और नागरिकता, निवास, पते और जन्म तिथि के प्रमाण के तौर पर इनके इस्तेमाल को रोका जाए।

अधिवक्ता अश्वनी दुबे के जरिए दायर याचिका में यह निर्देश देने का भी अनुरोध किया गया है कि नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए आवेदन में जन्म की तारीख और पते के सबूत के तौर पर आधार का इस्तेमाल, आधार अधिनियम 2016 की धारा 9, जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 23(4) और संविधान के अनुच्छेद 14 के खिलाफ माना जाए।

याचिका में दलील दी गई,‘‘आधार अधिनियम, 2016 की धारा 9 में स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि ‘आधार नागरिकता या निवास का प्रमाण नहीं है’। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण की 22 अगस्त, 2023 की अधिसूचना में भी स्पष्ट रूप से कहा गया है कि ‘आधार पहचान का प्रमाण है, न कि नागरिकता, पते या जन्म तिथि का।’’

इसमें कहा गया, ‘‘इसके बावजूद, आधार का इस्तेमाल न केवल स्कूल में दाखिले, संपत्ति की खरीद और जन्म प्रमाण-पत्र, राशन कार्ड व ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए उम्र, नागरिकता और निवास के सबूत के तौर पर किया जा रहा है, बल्कि नए मतदाता पंजीकरण के लिए आवेदन पत्र (फ़ॉर्म-6) में जन्म-तिथि और पते के सबूत के तौर पर भी इसका इस्तेमाल हो रहा है। इस तरह, घुसपैठिए और अवैध प्रवासी आधार का इस्तेमाल करके कई तरह के दस्तावेज हासिल कर रहे हैं।’’

याचिका में कहा गया है कि फ़ॉर्म-6 के तहत मौजूदा सत्यापन प्रणाली अपर्याप्त है और इससे बिना वास्तविक सहायक दस्तावेज वाले लोगों के भी मतदाता सूची में शामिल होने की आशंका हो सकती है।

भाषा धीरज रंजन

रंजन


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