सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाए जाने के बाद जंतर-मंतर के आसपास सुरक्षा कड़ी की गई

सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाए जाने के बाद जंतर-मंतर के आसपास सुरक्षा कड़ी की गई

सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाए जाने के बाद जंतर-मंतर के आसपास सुरक्षा कड़ी की गई
Modified Date: July 18, 2026 / 09:04 am IST
Published Date: July 18, 2026 9:04 am IST

(तस्वीरों के साथ)

नयी दिल्ली, 18 जुलाई (भाषा) जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को शनिवार को अस्पताल ले जाए जाने के दौरान थोड़ी देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बनी, जिसके बाद जंतर-मंतर और आसपास के कई हिस्सों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। पुलिस ने यह जानकारी दी।

वांगचुक को शनिवार को उनके अनशन के 21वें दिन तबीयत बिगड़ने के बाद सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया।

पुलिस के अनुसार, जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में दिल्ली पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों की भारी तैनाती की गई है, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे और किसी भी अप्रिय घटना को होने से रोका जा सके।

प्रदर्शनकारियों और आम लोगों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए कई स्थानों पर अवरोधक लगाए गए हैं तथा प्रमुख स्थानों पर सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है।

पुलिस उपायुक्त (नयी दिल्ली) सचिन शर्मा ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा,‘‘ दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देशों, उनकी स्वास्थ्य स्थिति और चिकित्सकों की सलाह के अनुरूप सोनम वांगचुक को आवश्यक चिकित्सकीय देखरेख और उपचार के लिए उपयुक्त सरकारी अस्पताल ले जाया गया है।’’

दिल्ली पुलिस ने भी एक बयान जारी कर कहा कि विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह पर वांगचुक को आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

पुलिस ने कहा, ‘‘उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए जब उन्हें अस्पताल ले जाने की कार्रवाई की जा रही थी, तब प्रदर्शनकारियों ने इसका विरोध करते हुए बाधा उत्पन्न करने का प्रयास किया, जिससे कुछ देर के लिए थोड़ी अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। हालांकि, पुलिस ने अत्यधिक संयम बरतते हुए पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न करायी।’’

पुलिस ने यह भी बताया कि एहतियात के तौर पर पूरे नयी दिल्ली जिले में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है।

दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से भी आंदोलन समाप्त करने की अपील करते हुए कहा, ‘‘हम जंतर-मंतर पर धरना दे रहे सभी प्रदर्शनकारियों से आग्रह करते हैं कि वे जल्द से जल्द शांतिपूर्ण ढंग से धरनास्थल खाली करें।’’

भाषा शोभना गोला

गोला


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