असम में बाढ़ से सात और लोगों की मौत, अब भी 3.32 लाख लोग प्रभावित
असम में बाढ़ से सात और लोगों की मौत, अब भी 3.32 लाख लोग प्रभावित
गुवाहाटी, 29 जुलाई (भाषा) असम में गत 24 घंटे के दौरान बाढ़ जनित घटनाओं में सात और लोगों की मौत हो गई और राज्य में अब भी 3.32 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि राज्य में मॉनसून के दौरान बाढ़ जनित घटनाओं में अबतक 75 लोगों की मौत हो चुकी है।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि बढ़ाकर नौ लाख रुपये कर दी है और मुआवजा प्राप्त करने के नियमों में भी ढील दी है।
उन्होंने बताया कि शिवसागर, चराइदेव, गोलाघाट, जोरहाट, नगांव, सोनितपुर और कामरूप मेट्रोपॉलिटन समेत सात जिले अब भी बाढ़ की चपेट में हैं। इससे 21 राजस्व परिक्षेत्र और 622 गांव प्रभावित हैं।
अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ से प्रभावित लोगों की संख्या 3.32 लाख है। चराइदेव जिला सबसे अधिक प्रभावित है, जहां 1.42 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। इसके बाद शिवसागर में 97,074 और जोरहाट में 57,371 लोग बाढ़ की चपेट में हैं।
अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार को शिवसागर जिले के नाजिरा राजस्व परिक्षेत्र में सात लोगों की मौत हुई। इसके साथ ही इस साल बाढ़ जनित घटनाओं में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 75 हो गई है।
सोमवार को छह जिले बाढ़ की चपेट में थे और इससे 4.45 लाख लोग प्रभावित हुए थे।
अधिकारियों ने प्रभावित जिलों में कुल 81 राहत शिविर चल रहे हैं, जहां 32,477 विस्थापित लोगों ने शरण ली है। इसके अलावा, 34 राहत सामग्री वितरण केंद्र भी काम कर रहे हैं।
सेना, वायुसेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं और नागरिक स्वयंसेवकों समेत कई एजेंसियां राहत और बचाव अभियान में लगातार जुटी हुई हैं।
बाढ़ प्रभावित जिलों में 45,341.98 हेक्टेयर फसल क्षेत्र जलमग्न हो गया है।
अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ प्रभावित शिवसागर जिले में मोबाइल फोन संपर्क बनाए रखने के लिए ‘इंट्रा-सर्किल रोमिंग’ (आईसीआर) सुविधा को 30 जुलाई की रात 11 बजकर 59 मिनट तक या अगले आदेश तक बढ़ा दिया गया है।
मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कहा कि प्रभावित बच्चों को इस कठिन समय से उबरने में मदद करने के लिए विशेष कोशिश की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने बुधवार को सोशल मीडिया पर राहत शिविरों में पढ़ाई करते बच्चों की तस्वीरें साझा करते हुए कहा, ‘‘राहत शिविरों में बच्चों के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना हमारी प्राथमिकता है। पढ़ाई और खेलने के लिए अलग स्थानों की व्यवस्था की गई है, ताकि बाढ़ का असर उनके बचपन पर न पड़े और मौजूदा हालात से उन्हें किसी तरह का नुकसान न हो।’’
भाषा तान्या धीरज
धीरज

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