कावेरी मुद्दे पर एकजुट हों, तमिलनाडु को रेगिस्तान बनने से बचाएं : दुरईमुरुगन

कावेरी मुद्दे पर एकजुट हों, तमिलनाडु को रेगिस्तान बनने से बचाएं : दुरईमुरुगन

कावेरी मुद्दे पर एकजुट हों, तमिलनाडु को रेगिस्तान बनने से बचाएं : दुरईमुरुगन
Modified Date: July 29, 2026 / 12:53 pm IST
Published Date: July 29, 2026 12:53 pm IST

वेल्लोर, 29 जुलाई (भाषा) द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के वरिष्ठ नेता दुरईमुरुगन ने तमिलनाडु के सभी राजनीतिक दलों से मतभेद भुलाकर कावेरी नदी विवाद पर एकजुट होने का आग्रह करते हुए कहा कि इस मामले पर निष्क्रियता से ‘‘राज्य रेगिस्तान में बदल सकता है।’’

दुरईमुरुगन ने केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी के संसद में दिए हालिया बयान की कड़ी आलोचना की।

चौधरी ने दावा किया था कि उच्चतम न्यायालय के 2018 के फैसले में यह स्पष्ट रूप से नहीं कहा गया है कि मेकेदातु जैसी निर्माण परियोजनाएं शुरू करने से पहले कर्नाटक को तमिलनाडु, केरल या पुडुचेरी की सहमति लेनी होगी।

दुरईमुरुगन ने केंद्रीय मंत्री की टिप्पणी को तथ्यात्मक रूप से गलत और खतरनाक बताते हुए कानूनी दस्तावेजों और अदालती फैसलों के अंश पढ़े। उन्होंने कहा कि कावेरी नदी पर किसी भी निर्माण के लिए नदी बेसिन से जुड़े संबंधित राज्यों की सहमति आवश्यक है।

दुरईमुरुगन ने मंगलवार को संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह किसी पार्टी का मुद्दा नहीं है। तमिलनाडु रेगिस्तान में बदल रहा है।’’

उन्होंने मांग की कि राज्य सरकार केंद्रीय मंत्री के बयान का कड़ा विरोध करे और तथ्यों को छिपाने के मामले में सदन में उनके खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव लाए।

केंद्र सरकार को पत्र लिखने के चलन की आलोचना करते हुए द्रमुक नेता ने आक्रामक कानूनी और राजनीतिक कार्रवाई का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नेताओं और कानूनी विशेषज्ञों को दिल्ली जाकर ऐसे कदमों को सीधे चुनौती देनी चाहिए।

भाषा

सिम्मी वैभव

वैभव


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