शादी का वादा कर बनाया गया शारीरिक संबंध बलात्कार नहीं, दिल्ली हाईकोर्ट का फैसला

शादी का वादा कर यौन संबंध बनाया जाता है और बाद में किसी कारण से शादी नहीं हो पाती तो इसे बलात्कार नहीं कहा जा सकता

शादी का वादा कर बनाया गया शारीरिक संबंध बलात्कार नहीं, दिल्ली हाईकोर्ट का फैसला
Modified Date: November 29, 2022 / 08:32 pm IST
Published Date: April 8, 2022 12:22 am IST

नयी दिल्ली। promise of marriage not rape: Court : दिल्ली उच्च न्यायालय ने कहा है कि शादी का सच्चा वादा कर यदि यौन संबंध बनाया जाता है और बाद में किसी कारण से शादी नहीं हो पाती तो इसे बलात्कार नहीं कहा जा सकता।

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अदालत ने यह टिप्पणी एक मामले की सुनवाई के दौरान की जिसमें एक व्यक्ति और एक महिला लंबे समय तक संबंध में थे और उनकी सगाई भी हो गई थी, लेकिन किसी कारण से शादी नहीं हो सकी तथा रिश्ता टूट गया।

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promise of marriage not rape: Court न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद ने निचली अदालत के उस फैसले को खारिज कर दिया जिसके तहत भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (2) (एन) के अंतर्गत व्यक्ति पर महिला को शादी का झांसा देकर उसका बलात्कार करने का आरोप तय किया गया था।

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