तिरुवनंतपुरम, 11 जुलाई (भाषा) विपक्षी दल मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के छात्र संगठन ‘स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया’ (एसएफआई) ने हिंदू ऐक्य वेदी के प्रतिनिधिमंडल के साथ हालिया मुलाकात को लेकर केरल के मुख्यमंत्री वी डी सतीशन पर निशाना साधते हुए उनपर ‘सांप्रदायिक शक्तियों’ को वैधता देने का आरोप लगाया है।
एसएफआई के प्रदेश अध्यक्ष एम शिवप्रसाद ने फेसबुक पर तीखे शब्दों में लिखे पोस्ट में आरोप लगाया कि सतीशन ने दक्षिणपंथी संगठन के नेताओं के साथ बातचीत करके सांप्रदायिकता के खिलाफ अपना पुराना रुख छोड़ दिया है।
वाम छात्र नेता ने दावा किया कि मुख्यमंत्री ने कभी कहा था कि सांप्रदायिकता को बढ़ावा देने वालों को प्रोत्साहित नहीं किया जाना चाहिए, लेकिन अब वह ‘‘केरल को अपनी गिरफ्त में लेने की ताक में बैठी सांप्रदायिक शक्तियों को गले लगा रहे हैं और उन्हें बढ़ावा दे रहे हैं।’’
कांग्रेस और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) पर निशाना साधते हुए शिवप्रसाद ने उन लोगों का भी मजाक उड़ाया जिन्होंने एनएसएस के महासचिव जी. सुकुमारन नायर को मिलने का समय नहीं देने की कथित घटना का समर्थन किया था। उन्होंने कहा कि अब उन्हें ‘मौन व्रत’ रखना होगा।
यह आलोचना ऐसे समय की गयी है जब एक दिन पहले के पी शशिकला और आर वी बाबू के नेतृत्व में हिंदू ऐक्य वेदी के नेताओं ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की तथा उन्हें एक ज्ञापन सौंपा। हिंदू ऐक्य वेदी के नेताओं ने कहा है कि ज्ञापन में हिंदू समुदाय से जुड़े महत्वूपर्ण मुद्दों को उठाया गया है।
मुलाकात के बाद, बाबू ने फेसबुक पोस्ट में कहा कि मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल की बात धैर्यपूर्वक सुनी तथा उठाई गई ज़्यादातर मांगों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने एसएफआई के आरोपों पर अबतक कोई जवाब नहीं दिया है।
भाषा
राजकुमार रंजन
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