शाह सिलीगुड़ी में एसएसबी फ्रंटियर मुख्यालय में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे
शाह सिलीगुड़ी में एसएसबी फ्रंटियर मुख्यालय में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे
(फाइल फोटो के साथ)
सिलीगुड़ी, 21 अगस्त (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में कई कार्यक्रमों में शामिल होंगे, जिनमें सीमा सुरक्षा और देश के नए आपराधिक कानूनों के बारे में जागरूकता प्रमुख विषय होंगे। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
शाह पूर्वाह्न करीब सवा 11 बजे सिलीगुड़ी स्थित सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के फ्रंटियर मुख्यालय जाएंगे और विभिन्न बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। वह एसएसबी कर्मियों के साथ पारंपरिक ‘बड़ा खाना’ में भी शामिल होंगे।
इसके बाद वह अपराह्न करीब ढाई बजे कावाखाली मैदान में तीन नए आपराधिक कानूनों-भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम-पर आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे।
ये तीनों कानून एक जुलाई 2024 को लागू हुए थे और इन्होंने भारतीय दंड संहिता, दंड प्रक्रिया संहिता तथा भारतीय साक्ष्य अधिनियम का स्थान लिया था।
अधिकारियों ने बताया कि लोगों को नयी आपराधिक न्याय प्रणाली से परिचित कराने के लिए ‘पांच स्तंभ: परिवर्तित न्याय प्रणाली’ शीर्षक वाली यह प्रदर्शनी 26 अगस्त तक लगी रहेगी।
शाह प्रदर्शनी देखने के बाद एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी इस दौरान उनके साथ रहेंगे।
नेपाल, भूटान और बांग्लादेश की सीमाओं के निकट होने के कारण सिलीगुड़ी की रणनीतिक रूप से अहम स्थिति तथा पूर्वोत्तर राज्यों को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाले सिलीगुड़ी गलियारे के महत्व को देखते हुए शाह का यह दौरा अहम माना जा रहा है। इस गलियारे को आमतौर पर ‘चिकन नेक’ कहा जाता है।
गृह मंत्री अपने तीन दिवसीय दौरे में सुरक्षा से संबंधित बैठकों में भी शामिल होंगे।
सीमा सुरक्षा की समीक्षा के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक शनिवार को होने की संभावना है, जिसमें सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), सशस्त्र सीमा बल, खुफिया एजेंसियों और राज्य के अधिकारियों के बीच समन्वय पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि शाह शनिवार को दार्जिलिंग पहाड़ियों के जनप्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगे और गोरखा तथा अन्य समुदायों से जुड़े काफी समय से लंबित मुद्दों के ‘‘स्थायी राजनीतिक समाधान’’ पर चर्चा करेंगे।
दार्जिलिंग पहाड़ियों में दशकों से अलग गोरखालैंड राज्य की मांग उठती रही है। तत्कालीन वाम मोर्चा सरकार ने इस मुद्दे के समाधान के प्रयास के तहत दार्जिलिंग गोरखा हिल काउंसिल (डीजीएचसी) का गठन किया था और बाद में तृणमूल कांग्रेस सरकार ने गोरखालैंड क्षेत्रीय प्रशासन (जीटीए) की स्थापना की।
शाह ने चुनाव से पहले अपनी रैलियों में पहाड़ी समुदायों को स्थायी राजनीतिक समाधान का आश्वासन दिया था, जिससे क्षेत्र में अधिक राजनीतिक और आर्थिक स्थिरता की उम्मीदें बढ़ीं।
गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) के अध्यक्ष बिमल गुरुंग और महासचिव रोशन गिरि के बैठक में शामिल होने की संभावना है। राज्य के वित्त एवं परिवहन राज्य मंत्री आनंदमय बर्मन के भी बैठक में मौजूद रहने की संभावना है।
शाह बृहस्पतिवार शाम सिलीगुड़ी के बागडोगरा हवाई अड्डे पहुंचे थे।
भाषा
सिम्मी रंजन
रंजन

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