मोदी के साथ 35 साल काम करने के अपने अनुभवों पर शिवराज ने लिखी किताब ‘अपनापन’

मोदी के साथ 35 साल काम करने के अपने अनुभवों पर शिवराज ने लिखी किताब ‘अपनापन’

मोदी के साथ 35 साल काम करने के अपने अनुभवों पर शिवराज ने लिखी किताब ‘अपनापन’
Modified Date: May 14, 2026 / 04:30 pm IST
Published Date: May 14, 2026 4:30 pm IST

नयी दिल्ली, 14 मई (भाषा) केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ 35 साल काम करने के अपने अनुभव के आधार पर एक किताब लिखी है जिसे उन्होंने ‘अपनापन’ नाम दिया है।

इसमें 1990 के दशक की शुरुआत में जमीनी स्तर पर संगठन के काम से लेकर केंद्रीय कैबिनेट तक की चौहान की यात्रा के अनुभव हैं।

चौहान ने बृहस्पतिवार को यहां एक प्रेस वार्ता में किताब की घोषणा करते हुए कहा कि यह संस्मरण 1991 की ‘एकता यात्रा’ के दौरान शुरू हुए रिश्ते को दिखाता है, जब वह और मोदी दोनों पार्टी कार्यकर्ता थे, और तब से चौहान मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और मोदी के राजनीतिक सहयोगी के तौर पर काम कर रहे हैं।

चौहान ने कहा, ‘‘दुनिया मोदी को एक निर्णायक नेता के तौर पर देखती है। मैंने उन्हें एक साधक, कर्मयोगी, देश के हित के लिए पूरी तरह समर्पित व्यक्ति के तौर पर करीब से देखा है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘देर रात तक काम करने के बाद भी, वह अगले ही दिन उसी ऊर्जा और स्पष्टता के साथ सामने आते हैं।’’

किताब का औपचारिक विमोचन 26 मई को पूसा के एनएएससी परिसर में पूर्व उप राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू और पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा करेंगे।

चौहान ने ‘एकता यात्रा’ का जिक्र करते हुए कहा कि इसे मोदी ने काफी बड़ा बना दिया और उनकी सोच सिर्फ लाल चौक पर तिरंगा फहराने की नहीं थी, बल्कि युवाओं के दिलों में राष्ट्रीय गौरव जगाने की थी।

चौहान के अनुसार, पुस्तक ‘अपनापन’ में ‘‘प्रौद्योगिकी का शासन के साधन के तौर पर इस्तेमाल करने की मोदी की शुरुआती समझ, कोविड-19 महामारी से निपटने के उनके तरीके और पार्टी कार्यकर्ताओं, किसानों, महिलाओं तथा समाज के आखिरी पायदान पर खड़े व्यक्ति के लिए उनकी गहरी हमदर्दी पर भी बात की गई है।’’

चौहान ने कहा कि यह किताब सिर्फ घटनाओं का ब्यौरा नहीं है, बल्कि एक सोच, एक नजरिए और राष्ट्र-निर्माण की भावना का प्रमाण है।

भाषा वैभव मनीषा

मनीषा


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