जयपुर, 29 जुलाई (भाषा) अशोक चक्र से सम्मानित ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने बुधवार को छात्रों से बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए लक्ष्य के प्रति पूरी लगन से जुड़े रहने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा, ‘आज का भारत साहसी, निर्भय और महत्वाकांक्षी है। यही आत्मविश्वास देश को लगातार आगे बढ़ा रहा है।’
शुक्ला ने छात्रों से असफलताओं से सीख लेकर दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ने की भी अपील की।
शुक्ला ने अपने अंतरिक्ष मिशन का अनुभव साझा करते हुए बताया कि अंतरिक्ष में पहुंचने के लिए रॉकेट ने केवल आठ मिनट में लगभग 28,500 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार हासिल कर ली थी।
उन्होंने शून्य गुरुत्वाकर्षण (जीरो ग्रैविटी) में आने वाली शारीरिक व मानसिक चुनौतियों के बारे में भी बताया।
उन्होंने कहा कि गुरुत्वाकर्षण नहीं होने पर शरीर का संतुलन और चीजों को महसूस करने का अनुभव बदल जाता है।
उन्होंने यह भी कहा कि अंतरिक्ष से देखने पर पूरी पृथ्वी एक परिवार की तरह दिखाई देती है, जिससे सभी के प्रति साझा जिम्मेदारी का एहसास और मजबूत होता है।
कार्यक्रम में बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल और अभिनेता विक्रांत मैसी ने भी छात्रों को संबोधित किया और अपने अनुभव साझा किए।
नेहवाल ने कहा कि सफलता के लिए अनुशासन, आत्मविश्वास और निरंतर मेहनत बहुत जरूरी है। वहीं, विक्रांत मैसी ने कहा कि सफलता रातों-रात नहीं मिलती और तेजी से बदलती तकनीक के दौर में भी मानवीय रिश्तों का महत्व हमेशा बना रहता है।
अधिकारियों के अनुसार, कार्यक्रम के दौरान 28 राज्यों के करीब 6,972 छात्रों ने विश्वविद्यालय में अपनी शैक्षणिक यात्रा की शुरुआत की।
भाषा बाकोलिया जोहेब
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