खरगे की सभा के बाद ‘शुद्धीकरण’ भाजपा की संकीर्ण मानसिकता का प्रदर्शन : डोटासरा

खरगे की सभा के बाद ‘शुद्धीकरण’ भाजपा की संकीर्ण मानसिकता का प्रदर्शन : डोटासरा

खरगे की सभा के बाद ‘शुद्धीकरण’ भाजपा की संकीर्ण मानसिकता का प्रदर्शन : डोटासरा
Modified Date: September 1, 2026 / 05:16 pm IST
Published Date: September 1, 2026 5:16 pm IST

जयपुर, एक सितंबर (भाषा) कांग्रेस की राजस्थान इकाई के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने मंगलवार को कहा कि उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के आयोजन स्थल पर किए गए ‘‘शुद्धीकरण’’ कार्यक्रम से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की संकीर्ण मानसिकता उजागर होती है।

उन्होंने सवाल किया कि इस मुद्दे को उठाने वाले कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ प्राथमिकी क्यों दर्ज की गई।

डोटासरा ने कहा कि कथित शुद्धीकरण समारोह में शामिल लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई जबकि इस मामले को उठाने वाले लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के खिलाफ मामला दर्ज कर दिया गया, जो निंदनीय है।

उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘भाजपा की सोच और नीति हमेशा दलित विरोधी रही है। संविधान ने समानता का अधिकार दिया है। छुआछूत और भेदभाव के लिए कोई जगह नहीं है। उनकी (भाजपा की) सोच निंदनीय है। खरगे जी से जुड़ी घटना भाजपा की संकीर्ण मानसिकता को दर्शाती है।’’

उन्होंने कहा कि समाज के हर वर्ग के लोग राहुल गांधी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने की आलोचना कर रहे हैं और कांग्रेस इस तरह की कार्रवाई से डरने वाली नहीं है।

डोटासरा ने कहा, ‘‘भाजपा को अपनी सोच बदलनी होगी, अन्यथा देश की जनता उसे सत्ता से बाहर कर देगी।’’

यह राजनीतिक विवाद तब शुरू हुआ जब 11 अगस्त को उत्तराखंड के हल्द्वानी स्थित रामलीला मैदान में कुछ लोगों ने कथित तौर पर ‘शुद्धीकरण यज्ञ’ किया। इससे पहले आठ अगस्त को इसी मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की जनसभा हुई थी।

कांग्रेस ने इस घटना को भाजपा की दलित विरोधी मानसिकता का प्रतिबिंब बताया था, जबकि भाजपा ने कार्रवाई का बचाव करते हुए दावा किया था कि खरगे की सभा के बाद कार्यक्रम स्थल पर कचरा फैला हुआ था और धार्मिक स्थल के लिए अनुचित नारे लगाए गए थे।

डोटासरा ने बढ़ती महंगाई को लेकर भी भाजपा नीत सरकार पर निशाना साधा।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, “दूध, दाल, चीनी, मसाले, कपड़े और जूते-चप्पल सहित रोजमर्रा की जरूरी वस्तुओं के दाम बढ़ गए हैं, लेकिन सरकार को कोई चिंता नहीं है।”

कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विदेश यात्राओं की भी आलोचना की और दावा किया कि वह करीब 5,000 की आबादी वाले देशों का दौरा भी सम्मान प्राप्त करने के लिए कर रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार देश की जनता की समस्याओं का समाधान करने के बजाय ‘‘पैसा कमाने’’ और विदेश यात्राओं पर अधिक ध्यान दे रही है।

डोटासरा ने मणिपुर की स्थिति को लेकर भी मोदी पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने अब तक राज्य का दौरा नहीं किया है।

उन्होंने कहा कि जब भी कोई प्रधानमंत्री या मंत्री किसी स्थान का दौरा करता है तो आम तौर पर मीडिया के माध्यम से लोगों को यात्रा के उद्देश्य और उसके परिणाम की जानकारी दी जाती है, लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा है।

कांग्रेस नेता ने भाजपा पर धर्म और जाति के आधार पर लोगों को बांटने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह देश का ‘‘दुर्भाग्य’’ है कि ऐसे लोग सत्ता में हैं।

डोटासरा ने यह भी आरोप लगाया कि सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की गणना का फार्मूला बदल दिया गया है और दावा किया कि भाजपा आंकड़े तैयार करने के लिए ‘‘अपने फार्मूले’’ का इस्तेमाल कर रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘रोजगार घट रहे हैं, किसान प्रदर्शन कर रहे हैं और बुनियादी ढांचा नजर नहीं आ रहा है। केवल योजनाओं के नाम बदलने से समस्याओं का समाधान नहीं होगा।’’

राजस्थान में आगामी 309 शहरी स्थानीय निकायों के चुनावों को लेकर डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस ने पूरे राज्य में करीब 11,500 उम्मीदवारों को चुनाव चिह्न आवंटित किए हैं।

उन्होंने दावा किया कि पार्टी के इतिहास में इस तरह के चुनावों में यह सबसे अधिक संख्या में चुनाव चिह्न आवंटित करने का रिकॉर्ड है और कहा कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से की गई।

उन्होंने कहा, ‘‘सभी ने मिलकर फैसले लिए।’’

डोटासरा ने बताया कि 50 प्रतिशत से अधिक टिकट युवा उम्मीदवारों को दिए गए हैं और अच्छा काम करने में सक्षम शिक्षित लोगों को भी अवसर दिया गया है।

पात्र उम्मीदवारों को टिकट नहीं मिलने से पार्टी कार्यकर्ताओं में नाराजगी के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि ऐसी निराशा स्वाभाविक है।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर किसी योग्य व्यक्ति को टिकट नहीं मिला है तो नाराजगी स्वाभाविक है। हम उनसे बात करेंगे, उन्हें समझाएंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि उन्हें संगठनों, बोर्ड और आयोगों में उचित सम्मान मिले।’’

भाषा

बाकोलिया रवि कांत


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