सिद्धरमैया ने दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों के लिए 75 प्रतिशत आरक्षण की मांग की

सिद्धरमैया ने दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों के लिए 75 प्रतिशत आरक्षण की मांग की

सिद्धरमैया ने दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों के लिए 75 प्रतिशत आरक्षण की मांग की
Modified Date: September 6, 2026 / 06:56 pm IST
Published Date: September 6, 2026 6:56 pm IST

बेंगलुरु, छह सितंबर (भाषा) कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने रविवार को दलितों, पिछड़े समुदायों तथा अल्पसंख्यकों के लिए आरक्षण बढ़ाकर 75 प्रतिशत करने की मांग की। उन्होंने कहा कि आबादी के आधार पर समान अवसर दिए बिना समतामूलक समाज का निर्माण नहीं किया जा सकता।

सिद्धरमैया ने कहा कि उनके मुख्यमंत्रित्व काल के दौरान कराये गये जाति सर्वेक्षण लागू किया जाना चाहिए।

यहां कर्नाटक राज्य पिछड़ा वर्ग महासंघ के रजत जयंती समारोह को संबोधित करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सिद्धरमैया ने कहा कि जाति सर्वेक्षण की रिपोर्ट लागू की जानी चाहिए और प्रत्येक समुदाय की आबादी के अनुपात में आरक्षण दिया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘यदि आप सभी को सामाजिक न्याय मिलने की बात की जाए, तो कम से कम 75 प्रतिशत आरक्षण होना चाहिए। दलितों, पिछड़े वर्गों और अल्पसंख्यकों को 75 प्रतिशत आरक्षण मिलना चाहिए।’’

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जब सभी को उनकी जाति और आबादी के आधार पर आरक्षण मिलेगा, तभी समतामूलक समाज का निर्माण संभव होगा।

उन्होंने कहा कि राजनीतिक समानता हासिल करने के लिए लोकसभा और विधानसभाओं में भी जाति और आबादी के आधार पर इसी तरह का आरक्षण जरूरी है।

भाषा

शफीक दिलीप

दिलीप


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