सिक्किम उच्च न्यायालय ने जलवायु न्याय पर स्वतः संज्ञान लेते हुए लोगों से राय मांगी

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सिक्किम उच्च न्यायालय ने जलवायु न्याय पर स्वतः संज्ञान लेते हुए लोगों से राय मांगी

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  • Publish Date - September 19, 2026 / 08:41 PM IST,
    Updated On - September 19, 2026 / 08:41 PM IST

गंगटोक, 19 सितंबर (भाषा) सिक्किम उच्च न्यायालय ने नेपाल में हाल में आई बाढ़ से हुई तबाही और उसके असर को देखते हुए राज्य में जलवायु न्याय के मुद्दे पर स्वत: संज्ञान लेते हुए एक जनहित याचिका शुरू की है और इस मामले में जनता की राय मांगी है।

जलवायु न्याय का तात्पर्य जलवायु परिवर्तन से जुड़े निर्णयों और कार्यों के केंद्र में समानता और मानवाधिकारों को रखने से है।

मुख्य न्यायाधीश ए. मुहम्मद मुस्ताक और न्यायमूर्ति भास्कर राज प्रधान की खंडपीठ ने कहा कि आम लोगों और संभावित रूप से प्रभावित स्थानीय समुदायों की बात सुनना तथा उन्हें अपनी चिंताएं बताने के लिए एक सुलभ मंच देना आवश्यक है।

पीठ ने 17 सितंबर के अपने आदेश में कहा कि पड़ोसी देश नेपाल में हाल में अचानक आई बाढ़ से हुई तबाही को देखते हुए, इस अदालत ने खुद से जनहित याचिका शुरू की है।

इसने उच्च न्यायालय की रजिस्ट्री को निर्देश दिया कि वह इस कार्यवाही की जानकारी स्थानीय प्रिंट और डिजिटल मीडिया प्रतिष्ठानों को भेजे, ताकि लोगों में जागरूकता बढ़ाई जा सके और उनसे राय एवं सुझाव मांगे जा सकें।

अदालत ने इस मामले में मदद के लिए वकील सुधीर मिश्रा को वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. डोमा टी. भूटिया और टी.आर. बारफुंगपा के साथ न्याय मित्र नियुक्त किया।

मामले में छह अक्टूबर को सुनवाई होगी।

भाषा नेत्रपाल सुरेश

सुरेश