सिक्किम: ग्यालशिंग जिले में भूस्खलन का खतरा बढ़ा, 161 लोगों को बचाया गया

सिक्किम: ग्यालशिंग जिले में भूस्खलन का खतरा बढ़ा, 161 लोगों को बचाया गया

सिक्किम: ग्यालशिंग जिले में भूस्खलन का खतरा बढ़ा, 161 लोगों को बचाया गया
Modified Date: September 16, 2026 / 05:00 pm IST
Published Date: September 16, 2026 5:00 pm IST

गंगटोक, 16 सितंबर (भाषा) सिक्किम के पश्चिम हिस्से के ग्यालशिंग जिले में लगातार बारिश और 14 सितंबर से जारी बाढ़ के कारण रिंबी में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है जिसके कारण जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर 128 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

जिला प्रशासन ने बताया कि मंगलवार से भूस्खलन और बाढ़ के कारण बस्तियों पर खतरा बढ़ने के बाद 28 घरों में रहने वाले लोगों को रिंबी ग्राम पंचायत केंद्र में स्थानांतरित किया गया है।

अधिकारियों के अनुसार, मंदिर प्वाइंट के आसपास स्थिति विशेष रूप से संवेदनशील है, जहां भूस्खलन की सूचना मिली है।

प्रशासन ने बताया कि निक खोलसा जलधारा के किनारे मलबा जमा हो गया है और भारी बारिश के दौरान मलबे से भरा पानी रिंबी गांव की ओर बह रहा है, जिससे जलधारा के किनारे बने घरों के लिए खतरा उत्पन्न हो गया है।

प्रशासन ने कहा, ‘‘मलबा जमा होने से पानी का प्राकृतिक प्रवाह प्रभावित हुआ है, जिससे अचानक पानी और मलबे के तेज बहाव की संभावना बढ़ गई है।’’

मलबा युक्त पानी के बहाव के कारण रिंबी का आरसीसी पुल भी बह गया है।

अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार ऊंचाई वाले स्थान पर बेली पुल बनाने के प्रयास कर रही है, ताकि संपर्क व्यवस्था बहाल की जा सके। मुख्य सड़क 15 मई को पूरी तरह बह गई थी।

बढ़ते भूस्खलन क्षेत्र के नीचे स्थित रिंबी आईसीडीएस केंद्र में भी पानी भर गया है। प्रशासन ने संबंधित विभाग को केंद्र को किसी सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने की संभावनाओं की जांच करने की सलाह दी है।

पास के सिंगलिताम में सात परिवारों के 33 से अधिक लोगों को राहत केंद्र में पहुंचाया गया है।

प्रशासन ने बताया कि राहत केंद्र में बुजुर्गों और बच्चों को रखा गया है और उन्हें भोजन तथा अन्य जरूरी सामान उपलब्ध कराया जा रहा है।

सिक्किम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसएसडीएमए) ने सिंगलिताम, रिंबी और अन्य संवेदनशील इलाकों के निवासियों से सतर्क रहने तथा भारी बारिश के दौरान सक्रिय भूस्खलन वाले क्षेत्रों और जलधाराओं के रास्ते से दूर रहने की अपील की है।

भाषा

राखी संतोष

संतोष


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