एसआईआर: दिल्ली के संपन्न क्षेत्रों में झुग्गी झोपड़़ी वाले इलाकों की तुलना में कटे ज्यादा नाम

एसआईआर: दिल्ली के संपन्न क्षेत्रों में झुग्गी झोपड़़ी वाले इलाकों की तुलना में कटे ज्यादा नाम

एसआईआर: दिल्ली के संपन्न क्षेत्रों में झुग्गी झोपड़़ी वाले इलाकों की तुलना में कटे ज्यादा नाम
Modified Date: September 1, 2026 / 07:45 pm IST
Published Date: September 1, 2026 7:45 pm IST

नयी दिल्ली, एक सितंबर (भाषा) दिल्ली में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद समृद्ध इलाकों वाले विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या में 37.4 प्रतिशत की कमी आई है।

वहीं, बड़ी संख्या में अनधिकृत कॉलोनियों और झुग्गी-झोपड़ी वाले विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या 35.7 प्रतिशत घटी है।

यह तुलना आठ समृद्ध विधानसभा क्षेत्रों नयी दिल्ली, ग्रेटर कैलाश, कस्तूरबा नगर, मालवीय नगर, आर.के. पुरम, जंगपुरा, मॉडल टाउन और राजौरी गार्डन तथा अनधिकृत कॉलोनियों व झुग्गी झोपड़ी वाले 12 विधानसभा क्षेत्रों ओखला, सीलमपुर, तुगलकाबाद, बिजवासन, संगम विहार, किराड़ी, बुराड़ी, बदरपुर, विकासपुरी, नांगलोई जट, करावल नगर और उत्तम नगर के आंकड़ों पर आधारित है।

दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय ने सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी की सभी 70 विधानसभा सीट की मतदाता सूची का मसौदा प्रकाशित किया।

सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में कुल 1.45 करोड़ मतदाताओं में से 47.5 लाख नाम मसौदा मतदाता सूची से बाहर किए गए हैं।

आठ समृद्ध विधानसभा क्षेत्रों में 17 अगस्त की मतदाता सूची के अनुसार, कुल 11,36,032 मतदाता थे। सोमवार को प्रकाशित मसौदा सूची में इनकी संख्या घटकर 7,11,187 रह गई, यानी 4,24,845 नाम मसौदा सूची में शामिल नहीं हैं।

अनधिकृत कॉलोनियों और झुग्गी-झोपड़ी वाले 12 विधानसभा क्षेत्रों में 17 अगस्त की मतदाता सूची में कुल 34,03,201 मतदाता थे।

मसौदा सूची में इनकी संख्या घटकर 21,88,733 रह गई है, इनमें 12,14,468 नाम मसौदा सूची में नहीं हैं।

समृद्ध विधानसभा क्षेत्रों में आर.के. पुरम में मतदाताओं की संख्या में सबसे अधिक 44.4 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। यहां 17 अगस्त की सूची में 1,30,161 मतदाता थे, जो मसौदा सूची में घटकर 72,426 रह गए।

इस तरह 57,735 नाम मसौदा सूची से बाहर कर दिये गये हैं।

कस्तूरबा नगर में मतदाताओं की संख्या में 43.9 प्रतिशत की कमी आई। यहां मतदाताओं की संख्या 1,37,365 से घटकर 77,036 रह गई और 60,329 नाम मसौदा सूची में शामिल नहीं किए गए।

नयी दिल्ली विधानसभा क्षेत्र में मतदाताओं की संख्या 89,683 से घटकर 52,368 रह गई, जो 41.6 प्रतिशत की कमी को दर्शाता है।

यहां 37,315 नाम मसौदा सूची में शामिल नहीं हैं।

जंगपुरा में मतदाताओं की संख्या में 41.4 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। यहां मतदाताओं की संख्या 1,45,823 से घटकर 85,497 रह गई।

मालवीय नगर में मतदाताओं की संख्या 1,48,627 से घटकर 91,346 रह गई, यानी 38.5 प्रतिशत की कमी आई।

वहीं, मॉडल टाउन में 37.2 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई और मतदाताओं की संख्या 1,58,519 से घटकर 99,611 रह गई।

ग्रेटर कैलाश में मतदाताओं की संख्या में 34.9 प्रतिशत की कमी आई है और यह संख्या 1,77,885 से घटकर 1,15,790 रह गई है।

राष्ट्रीय राजधानी के इन पॉश विधानसभा क्षेत्रों में राजौरी गार्डन में मतदाताओं की संख्या में सबसे कम कमी दर्ज की गई। राजौरी गार्डन में मतदाताओं की संख्या 1,47,969 से घटकर 1,17,113 रह गई, जो 20.9 प्रतिशत की गिरावट को दर्शाता है।

अनधिकृत कॉलोनियों और झुग्गी-झोपड़ी वाले विधानसभा क्षेत्रों में सबसे अधिक कमी तुगलकाबाद में दर्ज की गई।

तुगलकाबाद में मतदाताओं की संख्या 47.8 प्रतिशत घटकर 1,92,419 से 1,00,386 रह गई।

मसौदा सूची से 92,033 नाम बाहर किए गए हैं।

ओखला में मतदाताओं की संख्या 3,62,813 से घटकर 1,98,984 रह गई, जो 45.2 प्रतिशत की कमी है। यहां 1,63,829 नाम मसौदा मतदाता सूची में शामिल नहीं हैं।

बदरपुर में मतदाताओं की संख्या में 42.6 प्रतिशत की कमी आई है और यह 3,44,677 से घटकर 1,98,004 रह गई।

बदरपुर में 1,46,673 नाम मसौदा सूची से बाहर हैं।

संगम विहार में मतदाताओं की संख्या 40.7 प्रतिशत घटकर 1,92,842 से 1,14,412 रह गई, जबकि बुराड़ी में 39.2 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई और मतदाताओं की संख्या 4,28,480 से घटकर 2,60,595 रह गई।

विकासपुरी में मतदाताओं की संख्या 34.7 प्रतिशत घटकर 4,21,792 से 2,75,567 रह गई।

करावल नगर में 32.8 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई और मतदाताओं की संख्या 3,05,433 से घटकर 2,05,266 रह गई।

बिजवासन में मतदाताओं की संख्या 31.7 प्रतिशत घटकर 1,92,273 से 1,31,293 रह गई, जबकि किराड़ी में 31 प्रतिशत की कमी के साथ मतदाताओं की संख्या 2,93,570 से घटकर 2,02,575 रह गई।

दिल्ली में कुल मिलाकर मसौदा मतदाता सूची में 97,53,577 मतदाता हैं, जबकि पिछली सूची में 1,45,10,299 मतदाता थे। इस तरह 47,56,722 नाम मसौदा सूची से बाहर किए गए हैं।

अधिकारियों के अनुसार, एसआईआर वाले राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मसौदा सूची के स्तर पर दिल्ली में नाम हटाए जाने का प्रतिशत सबसे अधिक करीब 33 प्रतिशत रहा।

हालांकि, मसौदा सूची में शामिल नहीं किए गए नामों को चुनौती दी जा सकती है।

सूची से बाहर रह गए लोग दावे और आपत्तियां दाखिल कर सकते हैं। इसके लिए आवश्यक दस्तावेजों के साथ फॉर्म-6 के माध्यम से भी आवेदन किया जा सकता है। दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तारीख 30 सितंबर है।

अंतिम मतदाता सूची चार नवंबर को प्रकाशित होगी।

भाषा जितेंद्र दिलीप

दिलीप


लेखक के बारे में