देश में परिस्थितियां ‘अघोषित आपातकाल’ जैसी : गहलोत
देश में परिस्थितियां ‘अघोषित आपातकाल’ जैसी : गहलोत
जयपुर, 12 मार्च (भाषा) राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि देश में परिस्थितियां एक अघोषित आपातकाल जैसी हैं और लोकतांत्रिक संस्थाएं दबाव में काम कर रही हैं।
गहलोत ने ऐतिहासिक दांडी मार्च की वर्षगांठ पर पत्रकारों से बातचीत में आरोप लगाया कि देश में लोकतंत्र खतरे में है तथा न्यायपालिका और जांच एजेंसियां दबाव में काम करती हुई प्रतीत होती हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘आज देश की स्थिति ऐसी है कि यह एक अघोषित आपातकाल जैसी लगती है। लोकतांत्रिक संस्थाएं दबाव में हैं और विपक्ष की आवाज दबाई जा रही है।’’
गहलोत ने दावा किया कि संसद प्रभावी रूप से काम नहीं कर रही है और महत्वपूर्ण जन मुद्दों पर पर्याप्त चर्चा नहीं हो रही।
एलपीजी संकट का उल्लेख करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार भले ही कह रही है कि कोई समस्या नहीं है, लेकिन लोग आपूर्ति और बढ़ती कीमतों के कारण कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं।
महात्मा गांधी द्वारा 12 मार्च 1930 को शुरू किए गए दांडी मार्च को याद करते हुए गहलोत ने कहा कि यह आंदोलन ब्रिटिश सरकार के नमक कर के खिलाफ शुरू हुआ था और बाद में एक राष्ट्रव्यापी जन आंदोलन बन गया।
भाषा बाकोलिया शफीक
शफीक

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